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मुख्य नीतिगत दर रेपो को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है RBI

भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रा के तेज उतार-चढ़ाव ने नीतिगत परिदृश्य को जटिल बना दिया है

Dhriendra Pandey

मुंबई : पश्चिम एशिया संकट की वजह से मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका के चलते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अप्रैल की अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में मुख्य नीतिगत दर रेपो को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है। एक दर्जन से अधिक अर्थशास्त्रियों के बीच किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, जिंस कीमतों में अस्थिरता और मुद्रा के तेज उतार-चढ़ाव ने नीतिगत परिदृश्य को जटिल बना दिया है। ऐसे में वृद्धि दर, मुद्रास्फीति पर आरबीआई के अनुमान और नीतिगत रुख पर गहरी नजर रहेगी।

अब तक रेपो दर में 1.25 प्रतिशत की कमी : केंद्रीय बैंक ने पिछले साल फरवरी से अब तक रेपो दर में 1.25 प्रतिशत की कमी की है। हालांकि, बैंक ने अगस्त, अक्टूबर और फरवरी, 2026 की बैठक में दर को अपरिवर्तित रखा। छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अप्रैल समीक्षा बैठक सोमवार से शुरू होगी और बुधवार को इसके नतीजे की घोषणा की जाएगी।

क्या है कारण : इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के इर्द-गिर्द अनिश्चितता को देखते हुए, आरबीआई द्वारा अप्रैल की नीति में यथास्थिति बनाए रखने और कोई भी अगला कदम उठाने से पहले मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर विचार करने की संभावना है। एसबीआई के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांति घोष ने कहा कि भारत मौजूदा संकट से अछूता नहीं है। रुपया पहले ही 93 प्रति डॉलर के ऊपर बना हुआ है और कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर है, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ी है।

बदलाव की उम्मीद नहीं : क्रिसिल की प्रधान अर्थशास्त्री दीप्ति देशपांडे ने कहा कि यदि मुद्रास्फीति एमपीसी के लक्ष्य के करीब रहती है, तो मौद्रिक नीति में इस झटके को नजरअंदाज करके दरों को स्थिर रखा जा सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, हमें इस बार रेपो दर या रुख में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है। लहजा सतर्क रहेगा और आरबीआई के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) तथा मुद्रास्फीति के पूर्वानुमानों का बेसब्री से इंतजार रहेगा। एचडीएफसी बैंक की प्रधान अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता ने कहा कि अल्पकालिक घटनाक्रमों के आधार पर दर के बारे में फैसला करना इस स्तर पर समझदारी भरा नहीं हो सकता है।

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