देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें शनिवार, 3 अक्टूबर की सुबह से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
कंपनी के इस फैसले का असर देशभर में उसके 7,108 पेट्रोल पंपों पर पड़ेगा। कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी से ईंधन कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है।
नायरा एनर्जी के दाम बढ़ाने के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतें बताई जा रही हैं। इससे ईंधन की खरीद लागत बढ़ी है और खुदरा बिक्री पर कंपनियों का मार्जिन दबाव में आया है। ऐसे में नायरा ने खुदरा कीमतों और बढ़ती लागत के बीच अंतर कम करने के लिए दाम बढ़ाए हैं।
यह इस साल नायरा एनर्जी की ओर से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में दूसरा बड़ा बदलाव है। इससे पहले 26 मार्च को कंपनी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा किया था। उस समय नायरा के पंपों पर पेट्रोल की कीमत ₹100.71 और डीजल की कीमत ₹91.31 प्रति लीटर तक पहुंच गई थी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद कंपनी ने 1 जुलाई को पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता कर दिया था। अक्टूबर की यह बढ़ोतरी मार्च में किए गए उस बदलाव को दोबारा लागू करने जैसी है।
नायरा की कीमत बढ़ने के बाद निजी और सरकारी ईंधन कंपनियों के पंपों पर पेट्रोल-डीजल के दामों में अंतर बढ़ सकता है। सरकारी तेल कंपनियां—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—देश के 1,04,137 पेट्रोल पंपों में से 90 प्रतिशत से अधिक का संचालन करती हैं और हाल की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद खुदरा कीमतों को काफी हद तक स्थिर रखा है। नायरा के पास देशभर में 7,000 से अधिक ईंधन स्टेशन हैं। कंपनी गुजरात के वाडीनार में सालाना 2 करोड़ टन क्षमता वाली रिफाइनरी भी संचालित करती है।
नायरा की कीमत बढ़ोतरी से पहले सरकार ने निजी ईंधन कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की बिक्री सीमित किए जाने को लेकर भी सख्त रुख अपनाया था। 1 अक्टूबर को पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने कहा था कि कोई भी कंपनी पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर मनमाने तरीके से सीमा नहीं लगा सकती।
नायरा और जियो-बीपी के कुछ पेट्रोल पंपों पर बिक्री सीमित किए जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके पीछे खुदरा और थोक डीजल की कीमतों के बीच बड़ा अंतर और कंपनियों पर बढ़ता नुकसान बताया गया था। सरकार ने कहा था कि पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर इस तरह की रोक स्वीकार्य नहीं है।
नायरा की कीमतों में बढ़ोतरी से उसके पंपों पर पेट्रोल और डीजल भरवाने वाले ग्राहकों का खर्च सीधे बढ़ेगा। वहीं, अगर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है और अन्य कंपनियां भी लागत का बोझ ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो परिवहन और माल ढुलाई की लागत पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल यह बढ़ोतरी नायरा एनर्जी के नेटवर्क तक सीमित है। सरकारी तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में इस बढ़ोतरी के समान बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।