नई दिल्ली : मोबाइल उपभोक्ताओं को अब रिचार्ज के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। दूरसंचार नियामक ट्राई (TRAI) ने नए नियमों के तहत टेलीकॉम कंपनियों के लिए 30 दिन की वैधता वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही केवल वॉयस कॉल और एसएमएस की सुविधा वाले प्लान भी पेश करने होंगे। इससे उन ग्राहकों को फायदा होगा जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की जरूरत नहीं है।
ट्राई की ओर से जारी टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (थर्टींथ अमेंडमेंट) रेगुलेशंस, 2026 के तहत कंपनियों को 28 दिन की सामान्य वैधता के बजाय 30 दिन का रिचार्ज विकल्प देना होगा। 30 दिन के प्लान के कारण ग्राहकों को साल में 12 बार ही रिचार्ज कराना पड़ेगा, जबकि 28 दिन के चक्र में करीब 13 रिचार्ज की जरूरत पड़ती है।
नए नियमों के तहत वॉयस और एसएमएस वाले प्लान 30 दिन के साथ-साथ इससे कम अवधि के लिए भी उपलब्ध कराने होंगे। ग्राहकों को ऐसा विकल्प भी देना होगा, जिसमें हर महीने एक ही तारीख को रिचार्ज दोबारा किया जा सके। यदि किसी महीने में वह तारीख मौजूद नहीं है, तो रिन्यूअल उस महीने के अंतिम दिन किया जाएगा।
ट्राई ने कहा कि 2024 के बारहवें संशोधन के बाद भी कम अवधि वाले केवल वॉयस और एसएमएस प्लान सीमित थे और ज्यादातर विकल्प लंबी वैधता वाले थे। नए नियम खासतौर पर फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों, वरिष्ठ नागरिकों, ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों और सीमित या बिना डेटा जरूरत वाले उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर लाए गए हैं।
भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने 11 मार्च को संसद में रिचार्ज विकल्पों की सीमित और लचीलेपन की कमी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने केंद्र और ट्राई के कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प और किफायती सेवाएं मिल सकेंगी।
नए नियम गजट में प्रकाशित होने के 30 दिन बाद प्रभावी होंगे।