कोई देश अकेले चिप नहीं बना सकता, भारत के साथ मिलकर निर्माण करें कंपनियां : विक्रम मिस्री 
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कोई देश अकेले चिप नहीं बना सकता, भारत के साथ मिलकर निर्माण करें कंपनियां : विक्रम मिस्री

ताइवान के उदाहरण के साथ मिस्री ने चेताया कि एक ही क्षेत्र में अत्यधिक औद्योगिक एकाग्रता से जोखिम बढ़ता है, इसलिए विश्वसनीय साझेदारियां, आपूर्ति स्रोतों का विविधीकरण और SEMICON India जैसे मंचों पर सहयोग जरूरी है

Goutam Ojha

नई दिल्ली : विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शुक्रवार को मजबूत और लचीली सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को जरूरी बताया। SEMICON India 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी देश अकेले चिप का पूरा इकोसिस्टम तैयार नहीं कर सकता। उन्होंने वैश्विक कंपनियों से भारत में केवल कारोबार करने के बजाय “भारत के साथ मिलकर निर्माण” करने का आह्वान किया।

मिस्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर अब केवल औद्योगिक घटक नहीं रह गए हैं, बल्कि आर्थिक क्षमता, तकनीकी परिपक्वता और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा के महत्वपूर्ण संकेतक बन गए हैं। उन्होंने बताया कि चिप निर्माण की पूरी वैल्यू चेन कई देशों में फैली हुई है। किसी देश में डिजाइन प्रतिभा, दूसरे में उपकरण, तीसरे में फैब्रिकेशन, चौथे में सामग्री और पांचवें में असेंबली की क्षमता हो सकती है।

ताइवान भी उपकरणों के लिए अन्य देशों पर निर्भर

उन्होंने ताइवान का उदाहरण देते हुए कहा कि वह दुनिया की 90 प्रतिशत से अधिक सबसे उन्नत चिप्स का उत्पादन करता है, लेकिन उसका उत्पादन डिजाइन सॉफ्टवेयर, उपकरणों और अन्य देशों में विकसित सामग्रियों पर निर्भर है। उनके अनुसार, इसी कारण विश्वसनीय साझेदारियां और आपूर्ति स्रोतों का विविधीकरण जरूरी है। मिस्री ने कहा कि किसी एक क्षेत्र या देश में अत्यधिक औद्योगिक एकाग्रता से जोखिम बढ़ता है। ऐसे में टकराव के बजाय विश्वसनीय विकल्प तैयार करना बेहतर रास्ता है। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सरकारों की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया और अमेरिका के CHIPS Act, चीन के घरेलू निवेश तथा यूरोप की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की महत्वाकांक्षा का उदाहरण दिया।

SEMICON India कंपनियों के लिए उपलब्ध करा रहा प्रोत्साहन और साझेदारियों के अवसर

उन्होंने कहा कि SEMICON India भी कंपनियों के लिए प्रोत्साहन और साझेदारियों के अवसर उपलब्ध करा रहा है। साथ ही तकनीकी मानक, प्रमाणन और इंटरऑपरेबिलिटी प्रोटोकॉल भविष्य के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को आकार देंगे। SEMICON India 2026 में 20 से अधिक देशों की 500 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। आयोजन में उद्योग, सरकार, अकादमिक जगत और स्टार्टअप के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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