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Jio प्लेटफॉर्म्स का IPO 100 मिनट में फुल सब्सक्राइब, बना सबसे तेज़ रिकॉर्ड!

जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO खुलने के 100 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब, भारत का सबसे बड़ा IPO बनने की तैयारी

Muskan Lall

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ बुधवार को खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इसके साथ ही यह सबसे तेजी से पूरी तरह सब्सक्राइब होने वाला आईपीओ बन गया। बीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इश्यू खुलते ही निवेशकों ने इसमें जोरदार दिलचस्पी दिखाई, खासकर संस्थागत निवेशकों की ओर से मजबूत मांग देखने को मिली।

आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा शुरुआती 10 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया और 30 मिनट से भी कम समय में करीब दो गुना सब्सक्रिप्शन पर पहुंच गया। बाद में इस श्रेणी में सब्सक्रिप्शन 2.86 गुना तक पहुंच गया। कुल आईपीओ ने 100 मिनट के भीतर पूरा सब्सक्रिप्शन हासिल कर लिया।

यह इश्यू 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इसके पूरा होने पर जियो प्लेटफॉर्म्स, हुंडई मोटर इंडिया के 2024 में आए 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़कर भारत का मूल्य के लिहाज से सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है। यह पूरी तरह नया शेयर निर्गम है, जिसके तहत अधिकतम 27 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से बिक्री यानी ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है।

सार्वजनिक निर्गम से पहले सोमवार को कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, एंकर निवेशकों की ओर से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं, जो उपलब्ध शेयरों के मूल्य से 30 गुना से भी ज्यादा थीं। एक सूत्र ने कुल मांग करीब 26 अरब डॉलर बताई।

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने मंगलवार को कहा कि कंपनी दूरसंचार सेवाओं से आगे बढ़कर तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सेवाओं में विस्तार पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी का नेटवर्क ही उसकी तकनीक का आधार है। जियो के अपने 5G कोर, क्लाउड-नेटिव रेडियो एक्सेस नेटवर्क और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म पर 53.33 करोड़ ग्राहक जुड़े हैं। अंबानी के मुताबिक, कनेक्टिविटी के बाद अब कंपनी इसी प्लेटफॉर्म पर डिजिटल सेवाएं, AI और क्लाउड तकनीक विकसित कर रही है।

निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि जियो अपने विशाल ग्राहक आधार को डिजिटल सेवाओं, उद्यम तकनीक और AI से अधिक आय में किस तरह बदलती है। कंपनी के लिए केवल नए ग्राहकों की संख्या बढ़ाने के बजाय ज्यादा मार्जिन वाले कारोबार का विस्तार अहम होता जा रहा है। आईपीओ को मिली शुरुआती मजबूत मांग के बीच जियो की तकनीकी महत्वाकांक्षाएं और भविष्य में कमाई बढ़ाने की क्षमता निवेशकों के आकलन के प्रमुख पहलू होंगे।

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