नई दिल्ली : भारत के लिए आर्थिक मोर्चे पर बड़ी खुशखबरी है। जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (जेसीआर) ने भारत की विदेशी मुद्रा और स्थानीय मुद्रा की दीर्घकालिक इश्यूअर रेटिंग को ‘BBB+’ से बढ़ाकर ‘A-’ कर दिया है। रेटिंग का परिदृश्य ‘स्थिर’ रखा गया है। एजेंसी ने रेटिंग में सुधार की प्रमुख वजह भारत की तेज और मजबूत आर्थिक वृद्धि को बताया है। जेसीआर के अनुसार, भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। निजी खपत और सरकारी निवेश इसे मजबूती दे रहे हैं। डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और जीएसटी जैसे नीतिगत कदमों ने अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत किया है।
एजेंसी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में भी वृद्धि दर 6 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। आयकर और जीएसटी में कटौती से आर्थिक गतिविधियों को अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मध्य पूर्व में तनाव के कारण खाद्य कीमतों पर दबाव बढ़ा है, लेकिन महंगाई अभी भी आरबीआई के लक्ष्य के दायरे में है।
जेसीआर ने भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती को भी रेखांकित किया। बैंकिंग क्षेत्र में गैर-निष्पादित ऋण (एनपीएल) अनुपात 2 प्रतिशत से नीचे आ गया है। एजेंसी ने इसका श्रेय आरबीआई की निगरानी और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) को दिया।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले की 6.9 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है और आरबीआई के 7 प्रतिशत के अनुमान से भी बेहतर है।