मुंबई : घरेलू शेयर बाजार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स 26.76 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 78,520.30 अंक पर बंद हुआ। यह 78,942.45 के ऊपरी और 78,203.30 के निचले स्तर तक भी गया। एनएसई का निफ्टी 11.30 अंक यानी 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,364.85 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, भारतीय स्टेट बैंक, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस और इंटरग्लोब एविएशन (यानी इंडिगो) के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। इसके उलट लार्सन एंड टुब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचसीएल टेक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर नुकसान में रहे। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,593 शेयर नुकसान के साथ बंद हुए जबकि 1,810 कंपनियों में तेजी रही और 175 अन्य के भाव अपरिवर्तित रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.76 प्रतिशत बढ़कर 94.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अस्थिरता बढ़ी : जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद गहराने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। हालांकि, निवेशक पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम को पूर्ण संघर्ष की शुरुआत के बजाय संभावित वार्ता रणनीति के रूप में देख रहे हैं। संघर्ष विराम समाप्त होने की समयसीमा नजदीक होने से बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
क्या रही स्थिति : बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.15 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि मिडकैप 0.12 प्रतिशत के नुकसान में रहा। क्षेत्रवार सूचकांकों में बिजली खंड सर्वाधिक 1.24 प्रतिशत की बढ़त में रहा जबकि उपयोगिता खंड में 0.88 प्रतिशत, पीएसयू बैंक खंड में 0.70 प्रतिशत और पूंजीगत उत्पाद खंड में 0.55 प्रतिशत की तेजी रही। इसके उलट, बीएसई फोकस आईटी खंड 0.93 प्रतिशत टूट गया जबकि आईटी खंड में 0.79 प्रतिशत, रियल्टी खंड में 0.70 प्रतिशत और दूरसंचार खंड में 0.66 प्रतिशत की गिरावट रही। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए।