मुंबई : भारतीयों का विदेश यात्रा पर खर्च मार्च में घटकर 1.09 अरब डॉलर रह गया, जो फरवरी में 1.30 अरब डॉलर था। जनवरी में विदेश यात्रा पर खर्च 1.65 अरब डॉलर रहा था। ‘उदारीकृत धन प्रेषण योजना’ (एलआरएस) के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों द्वारा विभिन्न श्रेणियों में विदेश में भेजा गया कुल धन (रेमिटेंस) मार्च में 2.59 अरब डॉलर रहा, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा यात्रा व्यय का रहा। एलआरएस के तहत निवासी व्यक्ति एक वित्त वर्ष में 2.50 लाख डॉलर तक का प्रेषण किसी भी वैध चालू या पूंजी खाते के लेनदेन के लिए कर सकते हैं। ‘अन्य यात्रा’ श्रेणी में, जिसमें अवकाश यात्राएं और अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड खर्च शामिल हैं, मार्च में 62.30 करोड़ डॉलर खर्च किए गए, जो कुल यात्रा व्यय का लगभग 57 प्रतिशत है।
शिक्षा संबंधी यात्रा : शिक्षा संबंधी यात्रा पर 45.01 करोड़ डॉलर खर्च हुए, जिसमें ट्यूशन फीस और हॉस्टल खर्च शामिल हैं। जबकि व्यापार यात्रा, तीर्थयात्रा और चिकित्सा उपचार पर 2.13 करोड़ डॉलर खर्च हुए। विदेश में रहने वाले परिजनों को भेजे गए धन का प्रेषण मार्च में 38.97 करोड़ डॉलर रहा, जो फरवरी के 26.61 करोड़ डॉलर से अधिक है। ‘विदेश में अध्ययन’ श्रेणी में खर्च मार्च में घटकर 15.17 करोड़ डॉलर रहा। यह फरवरी के 17.56 करोड़ डॉलर और जनवरी में 26.74 करोड़ डॉलर था।
अचल संपत्ति की खरीद : विदेश में अचल संपत्ति की खरीद पर खर्च मार्च में घटकर 3.86 करोड़ डॉलर रह गया, जबकि फरवरी में यह 5.13 करोड़ डॉलर था।