नई दिल्ली : ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के अनुसार, भारत चालू वित्त वर्ष में 6.5-7 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर्ज करने की राह पर है। नाममात्र जीडीपी वृद्धि 11-12 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। मजबूत घरेलू मांग, बैंक ऋण में तेजी और आर्थिक गतिविधियों में सुधार से अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल रहा है।
जेफरीज की ताजा ‘GREED & fear’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का आर्थिक प्रदर्शन छह महीने पहले की अपेक्षाओं से बेहतर रहा है। जुलाई में बैंक ऋण वृद्धि सालाना आधार पर बढ़कर 17.8 प्रतिशत हो गई। MSME ऋण में 24.9 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र में 20 प्रतिशत, सेवा क्षेत्र में 22.9 प्रतिशत और कॉरपोरेट ऋण में 21.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
ब्रोकरेज ने कहा कि कॉरपोरेट ऋण में तेजी लंबे समय से अपेक्षित निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) चक्र के शुरू होने का संकेत दे सकती है। नाममात्र जीडीपी वृद्धि में सुधार से कॉरपोरेट आय को भी मजबूती मिल सकती है। जेफरीज के इंडिया रिसर्च प्रमुख महेश नंदूरकर के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में आय वृद्धि करीब 14 प्रतिशत से बढ़कर अगले वित्त वर्ष में 17 प्रतिशत हो सकती है।
रिपोर्ट में घरेलू मांग की मजबूती के लिए जीएसटी संग्रह, बिजली खपत और आवासीय रियल एस्टेट बिक्री को प्रमुख संकेतक बताया गया। अगस्त में जीएसटी संग्रह 14.8 प्रतिशत बढ़ा। अप्रैल-अगस्त में बिजली मांग वृद्धि 9.4 प्रतिशत रही, जो जनवरी-मार्च में 1.8 प्रतिशत थी। सात प्रमुख शहरों में जनवरी-जुलाई के दौरान आवासीय बिक्री क्षेत्रफल 7 प्रतिशत बढ़ा।
जेफरीज ने यह भी कहा कि सरकार का राजकोषीय समेकन जारी है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो आगे और घट सकता है।