टोरंटो : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडा के निवेशकों से भारत में निवेश बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवा आबादी, बढ़ती खपत, निरंतर आर्थिक वृद्धि और तेजी से विकसित होते पूंजी बाजार भारत को दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।
टोरंटो में भारतीय कारोबारी समुदाय के प्रमुख सदस्यों को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि भारत में हो रहा बदलाव संरचनात्मक है। तेजी से शहरीकरण, बढ़ता मध्यम वर्ग और विश्वस्तरीय डिजिटल बुनियादी ढांचा अर्थव्यवस्था के लगभग हर क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे ने वित्तीय और वाणिज्यिक सेवाओं तक पहुंच की लागत कम करने के साथ उनकी पहुंच का दायरा भी बढ़ाया है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन की मात्रा के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी वास्तविक-समय भुगतान प्रणालियों में से एक है और यह वित्तीय समावेशन, दक्षता तथा नवाचार का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
सीतारमण ने कहा कि भारत में कनाडा के बैंकों, फिनटेक कंपनियों और नियामकों के साथ भुगतान के अलावा अगली पीढ़ी के डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।
उन्होंने भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों में भारतीय प्रवासियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक सेतु हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय कनाडा की कंपनियों के निदेशक मंडलों, वित्तीय केंद्रों और पेंशन कोषों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों में हाल के समय में उल्लेखनीय बदलाव आया है। यह संबंध साझा लोकतांत्रिक एवं बहुलतावादी मूल्यों, बढ़ते आर्थिक जुड़ाव, उच्चस्तरीय संवाद और मजबूत जन-जन संपर्कों पर आधारित हैं।
उन्होंने जून 2025 में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच संबंधों को नए सिरे से मजबूत करने पर बनी सहमति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने भविष्य-केंद्रित रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
सीतारमण के अनुसार, कनाडाई प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर वार्ता औपचारिक रूप से शुरू हुई। इस दौरान कनाडाई कंपनी कैमीको के साथ 2.6 अरब कनाडाई डॉलर के यूरेनियम समझौते सहित कई महत्वपूर्ण पहल हुईं। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुने से अधिक बढ़ाकर 70 अरब कनाडाई डॉलर करने का लक्ष्य भी रखा है।
उन्होंने कहा कि भारत-कनाडा साझेदारी अब केवल पूंजी प्रवाह तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिक गहरे संस्थागत आर्थिक और वित्तीय सहयोग की ओर बढ़ रही है।