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एजेंटिक AI से भारत को पांच गुना रिटर्न की उम्मीद, रणनीतिक निवेश में दुनिया में दूसरा स्थान

भारतीय कंपनियां प्रायोगिक चरण से आगे बढ़कर एजेंटिक AI सहित उन्नत तकनीकों में रणनीतिक निवेश बढ़ा रही हैं, अगले दो वर्षों में 45 प्रतिशत तक वृद्धि और पांच गुना रिटर्न की उम्मीद

नयी दिल्ली : भारतीय कंपनियां कृत्रिम मेधा (AI) के प्रायोगिक चरण से आगे बढ़कर अब मूल्य-आधारित क्रियान्वयन पर तेजी से ध्यान दे रही हैं और उद्यम स्तर पर इसके व्यापक उपयोग में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनकर उभर रही हैं। वैश्विक सॉफ्टवेयर समाधान प्रदाता एसएपी की रिपोर्ट के मुताबिक, AI निवेश के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने के मामले में भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। भारतीय कंपनियां AI पर लगभग 2.59 करोड़ डॉलर निवेश की योजना बना रही हैं और इसके अगले दो वर्षों में 45 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। ऑक्सफर्ड इकोनॉमिक्स के साझेदारी में किए गए वैश्विक अध्ययन पर आधारित इस रिपोर्ट के लिए भारत समेत 13 देशों के 2,600 कारोबारी दिग्गजों से प्रतिक्रिया ली गई है।

मिलने वाला रिटर्न : रिपोर्ट कहती है कि भारत में ‘एजेंटिक AI’ से मिलने वाला रिटर्न पांच गुना होकर 1.44 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाने का अनुमान है। ‘एजेंटिक AI’ ऐसी स्वायत्त AI प्रणाली को कहा जाता है जो निरंतर मानवीय हस्तक्षेप के बगैर निर्णय लेने, बहु-स्तरीय कार्य योजना बनाने और उनका क्रियान्वयन कर पाने में सक्षम होती है। व्यवसायों के संचालन और प्रबंधन के लिए उद्यम सॉफ्टवेयर मुहैया कराने वाली एसएपी एसई के वैश्विक अध्यक्ष (ग्राहक सफलता) मैनोस रैप्टोपोलोस ने कहा कि AI अब ‘स्वायत्त उद्यम’ की रीढ़ बन चुका है। एसएपी में AI को उद्योग-विशेष के गहरे संदर्भ और समृद्ध कारोबारी डेटा के आधार पर विकसित किया गया है। यह ऐसा AI है जो किसी खास उद्योग की प्रक्रियाओं और आंकड़ों को वास्तव में समझता है।

क्या है स्थिति : भारत में 71 प्रतिशत कंपनियों ने अपने कारोबारी लक्ष्यों के अनुरूप AI रणनीति तय कर ली है। फिलहाल AI का इस्तेमाल करीब 33 प्रतिशत कारोबारी कार्यों में हो रहा है, जो अगले दो वर्षों में 51 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इस अध्ययन के मुताबिक, करीब 74 प्रतिशत कंपनियां AI से मिल रहे मौजूदा रिटर्न से संतुष्ट हैं और इससे पैदा हो रहे मूल्य को सफलता का प्रमुख पैमाना मान रही हैं। अगले दो वर्षों में विभिन्न कार्यों और शुरुआत से अंत तक की प्रक्रियाओं में AI का उपयोग दोगुने से अधिक होकर 40 प्रतिशत हो जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही, 55 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने AI अपनाने के लिए अलग से प्रमुख नियुक्त किया है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है।

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