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वैश्विक वृद्धि में अमेरिका से कहीं अधिक है भारत का योगदान : आरबीआई गवर्नर

Dhriendra Pandey

मुंबई : भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 'बहुत अच्छा' प्रदर्शन कर रही है और वैश्विक वृद्धि में अमेरिका से कहीं अधिक योगदान दे रही है।भारत की अर्थव्यवस्था वर्ष 2025 में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जबकि वैश्विक वृद्धि दर तीन प्रतिशत रहने का अनुमान है।

18 प्रतिशत का योगदान : मल्होत्रा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम वैश्विक वृद्धि में करीब 18 प्रतिशत का योगदान दे रहे हैं, जो करीब 11 प्रतिशत योगदान देने वाले अमेरिका से कहीं अधिक है।’’ ट्रंप ने भारत के रूस से सस्ते तेल की खरीद जारी रखने पर पिछले हफ्ते नाखुशी जाहिर करते हुए भारत को ‘मृत अर्थव्यवस्था’ बताया था।

भारत में महंगाई पर असर नहीं : ट्रंप ने कहा था, ‘‘मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को साथ लेकर डूब सकते हैं।’’ इस बयान से भारत-अमेरिका संबंधों पर असर पड़ने की आशंकाओं के बारे में पूछे जाने पर मल्होत्रा ने कहा कि ऐसी किसी भी स्थिति में भारत में महंगाई पर असर नहीं पड़ेगा। अगर भारत को अपनी तेल खरीद रूस के बजाय कहीं और से करने के लिए मजबूर किया गया तो भी उसका घरेलू मुद्रास्फीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने संकेत दिए कि यदि जरूरत पड़ी तो सरकार शुल्क में कटौती कर आम लोगों को राहत दे सकती है। वहीं, आरबीआई की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने कहा कि भू-राजनीतिक परिस्थितियों का प्रत्यक्ष प्रभाव घरेलू मुद्रास्फीति पर नहीं होगा।

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