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आयकर विभाग ने नए आयकर कानून के मसौदा नियमों और प्रपत्रों पर हितधारकों से मांगे सुझाव

आयकर विभाग ने रविवार को कहा कि उसने एक अप्रैल से प्रभावी होने वाले नए आयकर कानून, 2025 के तहत कर नियमों और प्रपत्रों के मसौदे पर हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।

Narendra Kumar Singh

नई दिल्लीः आयकर विभाग ने रविवार को कहा कि उसने एक अप्रैल से प्रभावी होने वाले नए आयकर कानून, 2025 के तहत कर नियमों और प्रपत्रों के मसौदे पर हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।

विभाग ने एक बयान में जानकारी दी कि व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 'प्रस्तावित आयकर नियम, 2026' और संबंधित फॉर्म को अंतिम अधिसूचना से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने परामर्श प्रक्रिया के तहत हितधारकों से चार श्रेणियों में सुझाव मांगे हैं। इनमें भाषा का सरलीकरण, मुकदमों में कमी, अनुपालन बोझ को कम करना और अप्रासंगिक या पुराने हो चुके नियमों व प्रपत्रों की पहचान करना शामिल है।

विभाग ने कहा, "हितधारकों को इन मसौदों का अध्ययन कर सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। अंतिम अधिसूचना से पूर्व इन सभी सुझावों को संकलित कर उन पर समीक्षा के लिए विचार किया जाएगा।"

सुझाव देने की सुविधा के लिए ‘ई-फाइलिंग’ पोर्टल पर एक लिंक जारी किया गया है, जो चार फरवरी, 2026 से सक्रिय है। हितधारक अपने नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित सत्यापन के बाद अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव देते समय संबंधित नियम, उप-नियम या प्रपत्र संख्या का स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए।

छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 के स्थान पर अब नया आयकर अधिनियम, 2025 आगामी एक अप्रैल से लागू होगा। वर्तमान आयकर नियम, 1962 में 511 नियम और 399 फॉर्म हैं, जबकि प्रस्तावित नए नियमों में इनकी संख्या घटाकर क्रमशः 333 नियम और 190 फॉर्म कर दी गई है।

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