नयी दिल्ली : वित्त वर्ष 2025-26 का समापन भारत की सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की शीर्ष पांच कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस, एचसीएलटेक, विप्रो और टेक महिंद्रा ने एक महत्वपूर्ण मोड़ पर किया है। ये कंपनियां वैश्विक आर्थिक दबाव, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और कृत्रिम मेधा (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच बदलाव के दौर से गुजर रही हैं।
क्या है स्थिति : आईटी क्षेत्र तेजी से पारंपरिक कार्य-प्रणाली से आगे बढ़ रहा है। AI के कारण पुरानी आईटी सेवाओं से होने वाली आय पर दबाव पड़ रहा है, लेकिन इसकी भरपाई नई AI-आधारित सेवाओं के बढ़ते अवसरों से हो रही है। अब कंपनियां बड़ी परियोजनाओं के बजाय परिणाम-आधारित और छोटे-छोटे हिस्सों में बंटे अनुबंधों पर अधिक ध्यान दे रही हैं। यह बदलाव कंपनियों के भविष्य के अनुमान और कर्मचारियों से जुड़े रुझानों में भी साफ दिख रहा है। जहां टीसीएस और इन्फोसिस को लगता है कि मुश्किल दौर अब कम हो रहा है, वहीं एचसीएलटेक और विप्रो ने आगे भी अनिश्चितता और कमजोर मांग की आशंका जताई है।
क्या है संभावना : आने वाले कुछ वर्षों में AI के कारण पारंपरिक आईटी सेवाओं की आय हर साल दो से तीन प्रतिशत तक घट सकती है। हालांकि, 2030 तक AI से जुड़ी सेवाओं का बाजार 300-400 अरब डॉलर तक बढ़ने की संभावना है।
लाभ की स्थिति : टीसीएस ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में 12.22 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 13,718 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी का कहना है कि वह नए वित्त वर्ष में सकारात्मक स्थिति के साथ प्रवेश कर रही है और हाल की अधिकांश चुनौतियां अब पीछे छूट चुकी हैं।
इन्फोसिस का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 20.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,501 करोड़ रुपये रहा, जबकि आय 13.4 प्रतिशत बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये रही। कंपनी प्रबंधन ने माना कि AI पारंपरिक सेवाओं को प्रभावित कर रहा है, लेकिन नई AI सेवाओं की मांग से इसकी भरपाई हो रही है।
एचसीएलटेक का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 4.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,488 करोड़ रुपये रहा जबकि आय 12.34 प्रतिशत बढ़कर 33,981 करोड़ रुपये रही। कंपनी ने मांग के माहौल को अस्थिर बताया और कहा कि शुल्कों और कम होते खर्च के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। कंपनी ने बताया कि AI के कारण पारंपरिक सेवाओं में हर साल दो से तीन प्रतिशत की कमी आ रही है, हालांकि उन्नत AI सेवाओं से आय बढ़ रही है।
विप्रो का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 1.89 प्रतिशत घटकर 3,501.8 करोड़ रुपये रह गया, जबकि आय 7.6 प्रतिशत बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये रही। कंपनी ने वर्तमान आर्थिक स्थिति को एक नई सामान्य स्थिति बताया है, जो वैश्विक और नीतिगत बदलावों से प्रभावित है।
टेक महिंद्रा का समीक्षाधीन तिमाही में शुद्ध लाभ 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,353.8 करोड़ रुपये रहा, जबकि आय 12.6 प्रतिशत बढ़कर 15,076.1 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने इस आशंका को खारिज किया कि AI के तेज इस्तेमाल से राजस्व में गिरावट आ रही है। वे AI को मध्यम और दीर्घकाल में ग्राहकों के कामकाज को आधुनिक बनाने और नए अवसर पैदा करने वाले एक बड़े साधन के रूप में देखते हैं।