बुनियादी उद्योगों की वृद्धि 
बिजनेस

तीन महीने के निचले स्तर पर आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि

धीमी होकर 2.3 प्रतिशत पर रही

Dhriendra Pandey

नयी दिल्ली : कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में कमी के कारण देश के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर फरवरी में घटकर तीन महीने के निचले स्तर 2.3 प्रतिशत पर रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 3.4 प्रतिशत थी। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। उर्वरक, सीमेंट और बिजली के उत्पादन में भी फरवरी में गिरावट देखी गई, जो क्रमशः 3.4 प्रतिशत, 9.3 प्रतिशत और 0.5 प्रतिशत रही। हालांकि, कोयला और इस्पात उत्पादन में मजबूत वृद्धि दर्ज की गयी। बुनियादी उद्योगों में कुल उत्पादन वृद्धि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-फरवरी के दौरान 2.9 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष के इसी अवधि में यह 4.4 प्रतिशत थी।

क्या कहते हैं अर्थशास्त्री : रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने से पहले ही भारत के मुख्य बुनियादी क्षेत्र का उत्पादन तीन महीने के निचले स्तर तक धीमा हो गया था।इसके अनुसार, औद्योगिक उत्पाद सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि जनवरी 2026 के 4.8 प्रतिशत से घटकर फरवरी 2026 में लगभग चार प्रतिशत रहने की संभावना है।

नकारात्मक प्रभाव : यदि यह संकट लंबे समय तक बना रहता है, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं और उपलब्धता कम होती है, तो वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव और बढ़ सकता है। हालांकि घरेलू मांग की मजबूती कुछ राहत प्रदान करेगी।

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