टोक्यो : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को भारत और जापान के स्टार्टअप के बीच निवेश और कारोबारी साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए लोकप्रिय ‘शार्क टैंक’ प्रारूप की तर्ज पर एक संयुक्त स्टार्टअप श्रृंखला शुरू करने का सुझाव दिया।
स्टार्टअप पर आयोजित एक परिचर्चा में गोयल ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर दोनों देशों के युवा उद्यमियों के लिए ऑनलाइन निवेश प्रस्तुति (पिचिंग) सत्र आयोजित किए जा सकते हैं। इन सत्रों के जरिये भारतीय स्टार्टअप जापानी निवेशकों के सामने अपने विचार रख सकेंगे, जबकि जापानी स्टार्टअप भारत में कारोबारी साझेदार और निवेश के अवसर तलाश सकेंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसी पहल केवल शुरुआती निवेश तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे निवेश, साझेदारी और कारोबार के विस्तार तक ले जाना चाहिए। इससे भारत-जापान के वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
गोयल ने जापानी कंपनियों और स्टार्टअप को भारत में निवेश और कारोबार के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर समृद्धि और बेहतर भविष्य के लिए बड़ी ताकत बन सकते हैं।
गोयल ने भारत-जापान ‘गहन प्रौद्योगिकी पूंजी गलियारा’ स्थापित करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसके तहत परिपक्व यूनिकॉर्न कंपनियों के साथ-साथ शुरुआती चरण के स्टार्टअप के लिए पर्याप्त दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे नए विचारों और नवाचारों को सफल कारोबारी उपक्रमों में बदलने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत डिजाइन से लेकर बड़े पैमाने पर तैनाती तक पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराता है। देश में नए उत्पादों के परीक्षण, बिक्री और बड़े पैमाने पर विस्तार के लिए भी विशाल बाजार मौजूद है।
मंत्री ने विश्वविद्यालयों और उद्यम पूंजी कोषों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने जापान के इंजीनियरिंग क्षेत्र से भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने का आह्वान किया।
‘शार्क टैंक’ एक लोकप्रिय बिजनेस रियलिटी टेलीविजन शो है, जिसमें उद्यमी निवेशकों के सामने अपने व्यावसायिक विचार, उत्पाद या सेवाएं पेश करते हैं।