लॉजिस्टिक्स प्रणाली 
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आपूर्ति बाधाओं के बीच लॉजिस्टिक्स प्रणाली को मजबूत करेगी सरकार

भारत की लॉजिस्टिक्स प्रणाली अब संरचनात्मक बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुकी

नयी दिल्ली : पश्चिम एशिया संघर्ष से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के मद्देनजर सरकार ने देश की लॉजिस्टिक्स प्रणाली एवं उसकी लागत में सुधार पर जोर दिया है। इन प्रयासों का उद्देश्य लंबे समय से जारी चुनौतियों जैसे विखंडित योजना, विभिन्न प्रणालियों की अक्षमताएं, आपूर्ति श्रृंखला में सीमित पारदर्शिता एवं उच्च लॉजिस्टिक्स लागत को दूर करना है। अधिकारियों ने बताया कि भारत की लॉजिस्टिक्स प्रणाली अब संरचनात्मक बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुकी है जिसे समन्वित नीतिगत सुधार, संस्थागत पुनर्संरचना, डिजिटल मंचों एवं बड़े पैमाने पर अवसंरचना योजना से गति मिली है।

भारत में लॉजिस्टिक्स लागत : आधिकारिक अध्ययन के अनुसार, भारत में लॉजिस्टिक्स लागत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 7.97 प्रतिशत है, जो कुल मिलाकर लगभग 24.01 लाख करोड़ रुपये बैठती है। भारत के लॉजिस्टिक्स सुधार आपस में जुड़े नीतिगत उपायों, डिजिटल मंचों एवं अवसंरचना पहलों पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य दक्षता बढ़ाना, लागत घटाना तथा आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण को मजबूत करना है।

मौजूदा संघर्ष वैश्विक ऊर्जा संकट का कारण : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां 12 मार्च को एक कार्यक्रम में कहा था कि निकट क्षेत्र में जारी मौजूदा संघर्ष वैश्विक ऊर्जा संकट का कारण बना है और यह राष्ट्र की एक महत्वपूर्ण परीक्षा है जिसमें शांति, धैर्य एवं जन-जागरूकता के साथ परिस्थितियों का सामना करना जरूरी है। सरकार अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में उत्पन्न विभिन्न बाधाओं से निपटने और उन्हें दूर करने के लिए निरंतर काम कर रही है। आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं को कैसे दूर किया जाए, इसके लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

भारत की आर्थिक वृद्धि का मार्ग : भारत की आर्थिक वृद्धि का मार्ग अब अधिकाधिक कुशल लॉजिस्टिक्स पर निर्भर करता है जो प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक संपर्क बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति और पीएम गतिशक्ति ने इस बदलाव को नई गति दी है और एक अधिक एकीकृत तथा आंकड़ा-आधारित लॉजिस्टिक्स प्रणाली की नींव रखी है। सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘मजबूत बहु-माध्यम एवं एकीकृत लॉजिस्टिक्स प्रणाली’ कार्यक्रम राज्यों और शहरों के स्तर पर एकीकृत लॉजिस्टिक्स योजना विकसित करने पर केंद्रित है।

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