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अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता के बीच सोना-चांदी में गिरावट

सोने की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की योजना विफल हो गयी

नयी दिल्ली : अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 300 रुपये टूटकर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर रही, जबकि चांदी 2,700 रुपये फिसलकर 2.55 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 300 रुपये टूटकर 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) रहा।

क्या रहा कारण : एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, सोने की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत की योजना विफल हो गयी। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम की अवधि बढ़ा दी है। प्रगति की कमी ने अनिश्चितता को बढ़ाए रखा, जिससे कच्चे तेल और डॉलर की कीमतों को समर्थन मिला, जबकि कीमती धातुओं के लिए यह एक बाधा साबित हुआ। बाजार भागीदार घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते रहेंगे और कीमतों में उतार-चढ़ाव तब तक सावधानीपूर्वक ‘इंतजार करो और देखो' के दृष्टिकोण को दर्शाता रहेगा, जब तक कि अधिक स्पष्ट संकेत सामने नहीं आ जाते। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर चांदी 1.46 प्रतिशत बढ़कर 77.80 डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि सोना 0.48 प्रतिशत बढ़कर 4,742.97 डॉलर प्रति औंस रहा। एलकेपी सिक्योरिटीज में शोध विश्लेषण विभाग के उपाध्यक्ष (जिंस और मुद्रा) जतीन त्रिवेदी ने कहा, सोना तेजी के साथ खुला और सकारात्मक दायरे में रहा।

उम्मीदों से समर्थन : संघर्ष विराम की उम्मीदों से समर्थन मिला। हालांकि, संघर्ष विराम की अवधि बढ़ाने के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोधाभासी बयानों ने बाजार में अस्थिरता को बढ़ाए रखा है। वैश्विक घटनाक्रमों से मिल रहे मिश्रित संकेत सभी संपत्ति श्रेणियों में अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं, जिससे सोने की कीमतों में तेज लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बाजार का ध्यान अब 29 अप्रैल को आने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर केंद्रित है, जो बाजार की दिशा तय करने में एक प्रमुख कारक साबित होगी।

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