बीजिंग : अमेरिका के जवाबी शुल्क, पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण गहराते वैश्विक संकट और घरेलू अर्थव्यवस्था में संपत्ति बाजार की मंदी के बीच चीन ने इस साल के लिए आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य घटाकर 4.5 से पांच प्रतिशत कर दिया है। इस लक्ष्य की घोषणा चीन के प्रीमियर ली कियांग ने यहां शुरू हुई देश की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) में की। चीन पिछले तीन वर्षों से बढ़ती घरेलू आर्थिक चुनौतियों के बीच जीडीपी के लिए पांच प्रतिशत का लक्ष्य रख रहा था। इस साल पहली बार लक्ष्य को घटाकर 4.5 से पांच प्रतिशत तक का किया गया है।
कैसा रहा पिछला प्रदर्शन : अमेरिकी शुल्क के बावजूद मजबूत निर्यात के दम पर पिछले साल चीन की अर्थव्यवस्था पांच प्रतिशत की दर से बढ़कर 20.01 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गई थी, जबकि घरेलू खपत सुस्त बनी रही।
इस साल के लक्ष्य : सरकार का लक्ष्य इस साल 4.5 प्रतिशत से पांच प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि हासिल करना है। इस साल के अन्य प्रमुख लक्ष्यों में लगभग 5.5 प्रतिशत की शहरी बेरोजगारी दर, 1.2 करोड़ से अधिक नए शहरी रोजगार का सृजन और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में लगभग दो प्रतिशत की वृद्धि शामिल हैं।
आय वृद्धि योजना : घरेलू मांग को बढ़ावा देने के लिए ली ने कहा कि चीन शहरी और ग्रामीण निवासियों के लिए आय वृद्धि योजना लागू करेगा। उपभोक्ता वस्तुओं के व्यापार कार्यक्रमों के लिए कुल 250 अरब युआन (36.17 अरब डॉलर) के विशेष ट्रेजरी बॉन्ड निर्धारित किए जाएंगे और घरेलू मांग विस्तार की सुविधा के लिए 100 अरब युआन का एक विशेष राजकोषीय-वित्तीय समन्वय कोष बनाया जाएगा।