त्योहारी सीजन में कीमतें बढ़ाने से बचेंगी एफएमसीजी कंपनियां, बिक्री पर जोर 
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त्योहारी सीजन में कीमतें बढ़ाने से बचेंगी एफएमसीजी कंपनियां, बिक्री पर जोर

Goutam Ojha

नई दिल्ली : कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव से लागत पर दबाव के बावजूद प्रमुख एफएमसीजी कंपनियां त्योहारी सीजन में उत्पादों के दामों में बड़ी बढ़ोतरी से बच सकती हैं। कंपनियों का जोर फिलहाल उपभोक्ता मांग और बिक्री की मात्रा बनाए रखने पर है।

उद्योग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, कंपनियां जून तिमाही में ही चुनिंदा उत्पादों के दाम करीब दो से पांच प्रतिशत तक बढ़ा चुकी हैं। ऐसे में दिवाली तक बड़ी मूल्य वृद्धि की संभावना कम है। चीनी, खाद्य तेल, कॉफी, कोको और कच्चे तेल आधारित पैकेजिंग सामग्री की महंगाई के साथ वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान भी लागत बढ़ा रहे हैं।

मुनाफे पर बना हुआ है दबाव

कंपनियां लागत नियंत्रण, परिचालन दक्षता और उत्पाद पोर्टफोलियो में बदलाव के जरिये बढ़े खर्च का बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही हैं। इससे मुनाफे पर दबाव बना हुआ है।

आईटीसी के खाद्य प्रभाग के सीईओ एवं कार्यकारी निदेशक हेमंत मलिक ने कहा कि कंपनी त्योहारी सीजन में कीमतें स्थिर रखने की कोशिश करेगी। लागत प्रबंधन और पोर्टफोलियो से जुड़े कदमों से जिंस कीमतों के प्रभाव को कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी के बाद कई उपभोक्ता उत्पाद श्रेणियों में मांग और बिक्री की मात्रा में तेजी आई है। हालांकि, लागत का दबाव बना रहा तो तीसरी या चौथी तिमाही में कुछ मूल्य संशोधन पर विचार हो सकता है।

कीमतें स्थिर रखने पर जोर

डाबर इंडिया के सीएफओ अंकुश जैन ने कहा कि कंपनी ने भू-राजनीतिक परिस्थितियों से बढ़ी लागत के असर को कम करने के लिए हाल के महीनों में कीमतें बढ़ाई हैं। आगे के फैसले प्रतिस्पर्धी माहौल और लागत को देखकर किए जाएंगे।

पारले प्रोडक्ट्स के सीएमओ मयंक शाह के अनुसार, ज्यादातर कंपनियां फिलहाल कीमतें स्थिर रखना चाहेंगी। शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में मांग उत्साहजनक है और कंपनियां इसे त्योहारी मौसम में बनाए रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम दिवाली तक बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। चीनी जैसी कुछ जिंसों की कीमतों में नरमी से भी राहत मिली है।

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