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उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में लगातार दूसरे दिन गिरावट

वैश्विक बाजारों में सुस्ती, रुपये में गिरावट और विदेशी पूंजी की निकासी से भी धारणा प्रभावित हुई

मुंबई : पश्चिम एशिया में संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में तेजी का असर घरेलू शेयर बाजार पर पड़ना जारी है। स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। वैश्विक बाजारों में सुस्ती, रुपये में गिरावट और लगातार विदेशी पूंजी की निकासी से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 829.29 अंक यानी 1.08 प्रतिशत टूटकर 76,034.42 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 992.53 अंक लुढ़क कर 75,871.18 अंक पर आ गया था।एनएसई निफ्टी 227.70 अंक यानी 0.95 प्रतिशत टूटकर 23,639.15 अंक पर बंद हुआ।

चिंताएं बढ़ गई हैं : जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, पश्चिम एशिया में तनाव वैश्विक जोखिम लेने की प्रवृत्ति को कम कर रहा है। इसका कारण तेल परिवहन जहाजों पर नए हमलों ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा दिया है। इससे मुद्रास्फीति और गैस आपूर्ति की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। बाजार में व्यापक स्तर पर गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि, नवीकरणीय ऊर्जा और जन-उपयोगी सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में चुनिंदा खरीदारी हुई है। निकट भविष्य में, जोखिम से बचने की धारणा और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की पूंजी निकासी जारी रहने से शेयर बाजार और रुपये दोनों पर दबाव बना रह सकता है।

क्या रही स्थिति : सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा में सबसे ज्यादा 4.23 प्रतिशत गिरावट आई। इसके अलावा मारुति, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, अल्ट्राटेक सीमेंट और ट्रेंट भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। लाभ में रहने वाले शेयरों में एनटीपीसी, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.65 प्रतिशत के नुकसान में रहा, जबकि मिडकैप 0.55 प्रतिशत नीचे आया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.78 प्रतिशत चढ़कर 96.47 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए।

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