कोच्चि में जहाज मरम्मत सुविधा का विस्तार करेंगे डीपी वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड 
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कोच्चि में जहाज मरम्मत सुविधा का विस्तार करेंगे डीपी वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड

नई पीपीपी परियोजना से कोच्चि को वैश्विक समुद्री सेवा केंद्र बनाने, जहाज मरम्मत, इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन में क्षमता बढ़ाने तथा केरल में उच्च-कौशल रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद

Goutam Ojha

कोच्चि : डीपी वर्ल्ड की कंपनी ड्रायडॉक्स वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) ने कोच्चि स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) के संचालन और विस्तार के लिए संयुक्त उपक्रम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों कंपनियां इस सुविधा को मिलकर संचालित करेंगी और इसकी क्षमता बढ़ाएंगी, ताकि भारतीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप अधिक संख्या और विभिन्न प्रकार के जहाजों की मरम्मत की जा सके।

2025 में हुए एमओयू के बाद की है पहल

यह 50:50 संयुक्त उपक्रम भारत के जहाज मरम्मत क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी के रूप में बताया गया है। दोनों कंपनियां शुरुआती पूंजी में बराबर हिस्सेदारी के आधार पर योगदान देंगी। समझौता 2025 में इंडिया मैरीटाइम वीक के दौरान हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को आगे बढ़ाता है। उस समय दोनों संस्थाओं ने जहाज मरम्मत और संबंधित समुद्री सेवाओं में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर सहमति जताई थी।

कोच्चि प्रमुख समुद्री सेवा केंद्र के रूप में होगा विकसित

इस साझेदारी से कोच्चि को एक प्रमुख समुद्री सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। जहाज मरम्मत के साथ इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन और अन्य समुद्री सेवाओं के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे। इससे केरल में उच्च-कौशल वाले रोजगार और समुद्री उद्योग से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

इस परियोजना में सीएसएल की जहाज निर्माण और मरम्मत क्षमता, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता तथा कुशल कर्मचारियों को ड्रायडॉक्स वर्ल्ड के वैश्विक अनुभव और तकनीकी क्षमताओं से जोड़ा जाएगा। ड्रायडॉक्स वर्ल्ड को बड़े जहाजों की मरम्मत, रखरखाव, बड़े बदलाव और ऑफशोर इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) का अनुभव है।

भारत बनेगा वैश्विक जहाज मरम्मत केंद्र

अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के पास स्थित आईएसआरएफ में आधुनिक डॉकिंग सुविधाओं के साथ शिप-लिफ्ट सिस्टम है। इससे अलग-अलग आकार और प्रकार के जहाजों की सर्विसिंग संभव होगी। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह साझेदारी भारत के जहाज मरम्मत तंत्र को मजबूत करने और केरल को प्रमुख समुद्री सेवा केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सीएसएल के सीएमडी जोस वी.जे. ने कहा कि इससे वैश्विक मानकों, तेज टर्नअराउंड, गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार के साथ भारत को वैश्विक जहाज मरम्मत केंद्र बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।

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