मुंबई : केंद्र सरकार निर्माण और भवन श्रमिकों (BOCW) के लिए रोजगार और कल्याण सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। शुक्रवार से शुरू हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने डिजिटल लेबर चौक शुरू करने की घोषणा की है। सम्मेलन 11-12 सितंबर को मुंबई में आयोजित किया जा रहा है।
महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा अपने-अपने डिजिटल लेबर चौक की शुरुआत करेंगे। इन प्लेटफॉर्म के जरिये निर्माण श्रमिकों को रोजगार से जुड़ी सेवाओं और अवसरों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
सम्मेलन में मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल ऑनलाइन बीओसीडब्ल्यू सेस संग्रह एवं निगरानी पोर्टल भी शुरू करेंगे। निर्माण गतिविधियों पर लगाया जाने वाला यह उपकर श्रमिकों के कल्याण कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल होता है। डिजिटल व्यवस्था से इसके संग्रह और निगरानी को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश है।
बिहार और पश्चिम बंगाल में लेबर चौक-कम-फैसिलिटेशन सेंटर भी शुरू किए जाएंगे। ये डिजिटल प्लेटफॉर्म से अलग भौतिक केंद्र होंगे, जहां श्रमिकों को रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं मिल सकेंगी।
ये तीनों पहल-स्टेट बीओसीडब्ल्यू डिजिटल लेबर चौक, लेबर चौक-कम-फैसिलिटेशन सेंटर और ऑनलाइन बीओसीडब्ल्यू सेस पोर्टल-नवंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में घोषित की गई थीं।
श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हो रहे सम्मेलन में राज्यों के श्रम मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों के प्रतिनिधि शामिल हैं। सम्मेलन में योजनाओं के क्रियान्वयन की कमियों की पहचान और निर्माण श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा, कल्याण तथा रोजगार सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्राथमिक कदम तय किए जा रहे हैं।