नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और खाड़ी क्षेत्र से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को लगातार चौथे सत्र तेजी रही। ब्रेंट क्रूड 1.79 प्रतिशत या 1.76 डॉलर बढ़कर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 1.88 प्रतिशत या 1.75 डॉलर बढ़कर 94.78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अगस्त की शुरुआत से ब्रेंट की कीमत में 20 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है। छह महीने पुराने संघर्ष के स्थायी समाधान की उम्मीद कमजोर पड़ने और क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई तेज होने से आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। दोनों प्रमुख बेंचमार्क तकनीकी रूप से ओवरबॉट क्षेत्र में बने हुए हैं। ब्रेंट का पिछला बंद भाव लगातार दूसरे सत्र में 23 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर रहा, जबकि डब्ल्यूटीआई 4 जून के बाद के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ।
ताजा तेजी मंगलवार को ईरान समर्थित हूती बलों के सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से के चार शहरों पर हमलों की खबरों के बाद आई। रिपोर्टों के अनुसार, हमलों में 70 से अधिक लोग घायल हुए और कुछ तेल प्रतिष्ठानों में आग लगी। इसके जवाब में सऊदी अरब ने यमन के जुबा जिले, सना के पूर्वी हिस्से और ताइज़ प्रांत में हवाई हमले किए।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी तेल टैंकरों पर हमलों के जवाब में दो अमेरिकी विध्वंसक जहाजों और जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया। जॉर्डन की सेना के अनुसार, उसकी वायु रक्षा ने ईरान से दागी 20 में से 18 मिसाइलों को रोक दिया।
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चेतावनी दी कि अमेरिकी युद्धपोतों पर हमलों के जवाब में वाशिंगटन ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के ऐसे हर प्रयास के बाद उसे अपने टैंकर गंवाने पड़ेंगे।