बुनियादी उद्योगों की वृद्धि 
बिजनेस

बुनियादी उद्योगों की वृद्धि सात महीने के निचले स्तर पर

रिफाइनरी उत्पादों में 42 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट और पांच क्षेत्रों में उत्पादन घटने से बुनियादी उद्योग सात महीने के निचले स्तर पर, IIP वृद्धि के 2-3% तक सिमटने के आसार

नयी दिल्ली : देश के आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर मई में धीमी पड़कर सात महीने के निचले स्तर 0.5 प्रतिशत पर रही। इससे पिछले महीने अप्रैल में बुनियादी उद्योग की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत और मई, 2025 में 1.2 प्रतिशत रही थी।

क्या रही स्थिति : आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों और उर्वरक की उत्पादन वृद्धि में गिरावट आई। इस्पात और सीमेंट के उत्पादन की वृद्धि दर मई में घटकर क्रमशः पांच प्रतिशत और 8.4 प्रतिशत रही, जबकि मई, 2025 में यह क्रमशः 7.4 प्रतिशत और 9.7 प्रतिशत थी। बिजली क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा। इसमें आलोच्य महीने में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले साल मई में इसमें 4.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी। प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल-मई के दौरान 1.1 प्रतिशत पर स्थिर रही। इससे पहले, बीते वर्ष अक्टूबर में, आठ बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में 0.1 प्रतिशत में गिरावट आई थी।

क्या कहते हैं अर्थशास्त्री : इक्रा लि. के प्रधान अर्थशास्त्री राहुल अग्रवाल ने कहा कि मई, 2026 में पांच क्षेत्रों के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई। इनमें रिफाइनरी उत्पाद भी शामिल हैं, जिनमें 42 महीनों में सबसे बड़ी गिरावट आई। गिरावट का एक कारण पश्चिम एशिया संकट का असर भी है। उन्होंने कहा कि पारा चढ़ने और अनुकूल तुलनात्मक आधार के कारण इस महीने बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी 19 महीनों के उच्चतम स्तर 8.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि हुई। मई, 2026 में बुनियादी उद्योगों के हल्के प्रदर्शन को देखते हुए, IIP (औद्योगिक उत्पादन सूचकांक) वृद्धि अप्रैल, 2026 के 4.9 प्रतिशत से घटकर दो से तीन प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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