बेंगलुरु कमाई और बचत में सबसे आगे, मुंबई में सबसे ज्यादा अमीर परिवार; दिल्ली-एनसीआर सबसे बड़ा बाजार 
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बेंगलुरु कमाई और बचत में सबसे आगे, मुंबई में सबसे ज्यादा अमीर परिवार; दिल्ली-एनसीआर सबसे बड़ा बाजार

देश के 100 शहरों की स्टडी में शहरी भारत की आर्थिक तस्वीर उजागर; आय-बचत में बेंगलुरु अव्वल, सबसे ज्यादा अमीर परिवार मुंबई में, तो खपत के मामले में दिल्ली-एनसीआर देश का सबसे बड़ा बाजार

नई दिल्ली : देश के 100 शहरों में आय, खर्च, बचत, कर्ज और खपत को लेकर की गई एक स्टडी में शहरी भारत की आर्थिक तस्वीर सामने आई है। प्राइस-टाटा की ‘द मेनी अर्बन इंडियाज’ (The Many Urban Indias) स्टडी के मुताबिक, औसत सालाना घरेलू आय और बचत के मामले में बेंगलुरु सबसे आगे है, जबकि सबसे ज्यादा अमीर परिवार मुंबई में रहते हैं। कर्ज लेने के मामले में चेन्नई शीर्ष पर है और खपत के लिहाज से दिल्ली-एनसीआर देश का सबसे बड़ा बाजार है।

बेंगलुरु में सबसे ज्यादा औसत आय

स्टडी के अनुसार, बेंगलुरु में औसत सालाना घरेलू आय 28.3 लाख रुपये है, जो कोलकाता के मुकाबले 1.7 गुना अधिक है। चंडीगढ़ दूसरे स्थान पर है, जबकि वडोदरा और दिल्ली में यह आय करीब 25.9 लाख रुपये है।

मुंबई में अमीर परिवारों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा

मुंबई में 26.1% परिवारों की सालाना आय 36 लाख रुपये या उससे अधिक है। दिल्ली में यह हिस्सेदारी 22.4%, चेन्नई में 12.6%, कोलकाता में 10.4%, हैदराबाद में 8.8% और बेंगलुरु में 8% है। वहीं, 6 से 36 लाख रुपये सालाना कमाने वाले मध्यम आय वर्ग के परिवारों की हिस्सेदारी हैदराबाद में सबसे ज्यादा 68.1% है। 1.5 से 6 लाख रुपये की आय वाले परिवारों की हिस्सेदारी कोलकाता में सर्वाधिक 35.2% है।

खर्च और बचत में भी बड़े अंतर

प्रति परिवार सालाना खर्च के मामले में चंडीगढ़ 19.2 लाख रुपये के साथ शीर्ष पर है। खर्च में भोजन की हिस्सेदारी 29.9%, आवास 23.3%, परिवहन 22.2%, शिक्षा 7%, फैशन 5.7% और स्वास्थ्य सेवा 5.2% है।

छह बड़े शहरों में परिवार अपनी आय का औसतन 42% बचाते हैं, जबकि देशभर में यह अनुपात 25% है। बेंगलुरु में बचत दर 45.9% के साथ सबसे अधिक है।

चेन्नई में कर्ज का बोझ ज्यादा

डेट-टू-इनकम अनुपात चेन्नई में सबसे अधिक 27.7% है। कोलकाता और मुंबई क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। दिल्ली में यह 18%, बेंगलुरु में 15.7% और हैदराबाद में 14% है।

दिल्ली-एनसीआर सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार

दिल्ली-एनसीआर में करीब 75 लाख परिवार औसतन 15 लाख रुपये सालाना खर्च करते हैं। इससे क्षेत्र का बाजार आकार करीब 11.2 लाख करोड़ रुपये पहुंचता है, जो मुंबई और बेंगलुरु के संयुक्त बाजार के लगभग बराबर है।

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