कोयंबटूर : भारत, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों और अफ्रीका के बीच व्यापारिक एवं आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से कोयंबटूर में यूनाइटेड इकोनॉमिक समिट 2026 का आयोजन किया गया। इंडिया GCC ट्रेड काउंसिल (IGCCTC) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में राजनयिकों, नीति निर्माताओं, व्यापार अधिकारियों, उद्यमियों और उद्योग जगत के नेताओं ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन में बाजार पहुंच, निवेश, तकनीकी सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, फार्मा, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचे, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, पर्यटन और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
युगांडा की भारत में हाई कमिश्नर प्रो. जॉयस काकुरामात्सी किकाफुंडा मुख्य अतिथि रहीं, जबकि ओमान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की हेल्थ कमेटी के डिप्टी चेयरमैन मुर्तधा एम. जे. इब्राहिम अल जमालानी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
वक्ताओं ने कहा कि अफ्रीका में स्वास्थ्य सेवा, कृषि, बुनियादी ढांचे, खनन और डिजिटल सेवाओं तथा जीसीसी देशों में विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से अवसर बढ़ रहे हैं। भारत के लिए दोनों क्षेत्रों के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने की व्यापक संभावनाएं हैं।
इंडिया GCC ट्रेड काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. आसिफ इकबाल और ट्रेड कमिश्नर डॉ. रेनजिथ सीए ने कहा कि सरकारों, व्यापार संगठनों और उद्योगों के बीच लगातार संवाद से ही दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारियां मजबूत होंगी। सम्मेलन में नेटवर्किंग सत्रों के जरिए उद्यमियों, निवेशकों, निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के बीच कारोबारी संपर्क भी स्थापित हुए।
सम्मेलन ने कोयंबटूर की अंतरराष्ट्रीय व्यापार और औद्योगिक केंद्र के रूप में बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया।