चीन की सुस्ती और मध्य-पूर्व संकट से BMW को बड़ा झटका, मुनाफा मार्जिन घटकर 1% तक आने की आशंका 
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चीन की सुस्ती और मध्य-पूर्व संकट से BMW को झटका, मुनाफा मार्जिन घटकर 1% तक आने की आशंका

कमजोर वैश्विक मांग, भू-राजनीतिक संकट और महंगी ऊर्जा से BMW की कमाई पर तगड़ा दबाव, 2026 तक मार्जिन सिमटने और लागत कटौती कार्यक्रम से एकमुश्त झटके की आशंका

बर्लिन: जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता BMW AG को चीन में कमजोर मांग और मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव का बड़ा असर झेलना पड़ रहा है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि वर्ष 2026 में उसका मुनाफा मार्जिन घटकर महज 1 से 3 प्रतिशत तक रह सकता है, जो पहले 6 प्रतिशत तक रहने का अनुमान था।

कंपनी की इस घोषणा के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई और BMW के शेयरों में एक समय 11.5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। यह लगभग दो वर्षों में शेयर की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट मानी जा रही है।

चीन में मांग में तेज गिरावट बनी सबसे बड़ी चिंता

BMW ने कहा कि चीन में ऑटोमोबाइल बाजार की स्थिति उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से खराब हुई है। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) वाल्टर मर्टल के अनुसार, मार्च में जारी किए गए अनुमान के समय चीन में हर महीने लगभग 50,000 वाहनों की बिक्री का अनुमान लगाया गया था।

हालांकि, पहली तिमाही में ही बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत घट गई। अप्रैल और मई में स्थिति और बिगड़ी तथा मई तक कुल बिक्री में 17.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

चीन BMW का सबसे बड़ा बाजार है और वहां की कमजोरी कंपनी की आय और लाभ दोनों पर दबाव डाल रही है।

मध्य-पूर्व संघर्ष ने बढ़ाई मुश्किलें

कंपनी का कहना है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़े तनावों के कारण वैश्विक उपभोक्ता भावना प्रभावित हुई है। साथ ही ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी ने भी कारोबारी लागत बढ़ा दी है।

BMW ने माना कि मध्य-पूर्व संकट का प्रभाव उसकी पहले की अपेक्षाओं से अधिक गंभीर साबित हो रहा है। इसके चलते कंपनी को दूसरी तिमाही में मुनाफे और फ्री कैश फ्लो में उल्लेखनीय गिरावट की आशंका है।

लागत घटाने के लिए नए कदम उठाएगी कंपनी

BMW ने अपने 2026 लागत कटौती कार्यक्रम का विस्तार करने की भी घोषणा की है। इसके तहत कंपनी को वर्ष की दूसरी छमाही में एकमुश्त वित्तीय झटका लगेगा।

हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि लागत कम करने की इस योजना में कर्मचारियों की छंटनी शामिल होगी या नहीं। विश्लेषकों का मानना है कि चीन में लगातार बिगड़ती स्थिति BMW को अपने वैश्विक उत्पादन ढांचे की पुनर्समीक्षा के लिए मजबूर कर सकती है।

नई CEO के सामने बड़ी चुनौती

यह संशोधित अनुमान ऐसे समय में आया है जब कंपनी के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिलान नेदेलकोविक ने हाल ही में पदभार संभाला है। उन्होंने मई में ओलिवर जिप्से की जगह ली थी।

नेदेलकोविक के सामने BMW की नई इलेक्ट्रिक वाहन श्रृंखला "Neue Klasse" को सफल बनाना सबसे बड़ी चुनौती है। इस परियोजना पर कंपनी अरबों यूरो का निवेश कर चुकी है, लेकिन चीन में कमजोर मांग इसके संभावित लाभ को प्रभावित कर सकती है।

इलेक्ट्रिक रणनीति भी नहीं बचा सकी दबाव से

अब तक BMW को अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर स्थिति में माना जाता था। Mercedes-Benz और Volkswagen के विपरीत BMW ने केवल इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भर होने के बजाय पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक सभी विकल्पों को बनाए रखने की रणनीति अपनाई थी।

लेकिन ताजा चेतावनी से संकेत मिलता है कि यूरोप की प्रीमियम कार कंपनियों पर पड़ रहा दबाव अब BMW को भी प्रभावित करने लगा है।

अमेरिका और यूरोप में भी चुनौतियां बरकरार

चीन के अलावा यूरोप में भी वाहन बिक्री सुस्त बनी हुई है। वहीं अमेरिका में अनिश्चित आर्थिक माहौल और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियां ऑटो उद्योग के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में BMW को विशेष रूप से यूरोप में अपने उत्पादन ढांचे को छोटा करना पड़ सकता है।

बिक्री अनुमान भी घटाया

BMW ने वर्ष 2026 के लिए अपने वाहन डिलीवरी अनुमान में भी कटौती की है। कंपनी को अब हल्की गिरावट की उम्मीद है, जबकि पहले बिक्री स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया था।

हालांकि, कंपनी ने कहा है कि लाभांश वितरण और शेयर बायबैक कार्यक्रम पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेंगे।

30 जुलाई को आएंगे तिमाही नतीजे

कंपनी 30 जुलाई को अपने तिमाही वित्तीय परिणाम जारी करेगी। निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि BMW चीन में मांग की कमजोरी और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए आगे क्या रणनीति अपनाती है।

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