मुंबई : एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की साइबर सुरक्षा में कथित रूप से सेंध लगाने के दावे के बीच बैंक ने शुक्रवार को कहा कि वह वाहन ऋण ग्राहकों से संबंधित आंकड़ों में कथित सेंधमारी की पड़ताल कर रहा है। लघु वित्त बैंक ने एक बयान में कहा, ‘एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (सास) मंच से जुड़े संभावित डेटा लीक की जांच कर रहा है। इस मंच का प्रबंधन और होस्टिंग स्कैफोल्डर्स द्वारा किया जाता है और इस पर हमारे वाहन ऋण ग्राहकों से संबंधित सीमित डेटा मौजूद है।’ बयान में कहा गया कि बैंक की अपनी प्रणालियां प्रभावित नहीं हुई हैं और उसका परिचालन सामान्य रूप से जारी है। एक हैकर समूह ने दावा किया था कि उसने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की साइबर सुरक्षा में सेंध लगाई है। समूह के मुताबिक, कथित तौर पर चुराए गए डेटा में ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड, व्यक्तिगत पहचान दस्तावेज, स्थायी खाता संख्या (पैन) और आधार विवरण सहित अन्य जानकारियां शामिल हैं। हालांकि, बैंक ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। हाल के दिनों में साइबर हमलों की कई खबरें सामने आई हैं। इनमें देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), निजी क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक और अन्य संस्थानों के भी संभावित रूप से प्रभावित होने की बात कही गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए साइबर हमलों के खतरे के प्रति आगाह किया था और सभी संबंधित पक्षों से इस पहलू पर ध्यान देने को कहा था। उन्होंने भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करते हुए यह बात कही थी।