भारत में 3 लाख करोड़ निवेश करेगा एयरट्रंक 
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एयरट्रंक का भारत में 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान

5 GW डेटा सेंटर नेटवर्क से हाई-टेक स्किल्स, रोजगार और लोकल सप्लाई चेन को बढ़ावा, डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद

भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को एक बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। डेटा सेंटर कंपनी AirTrunk ने भारत में करीब 3 लाख करोड़ रुपये (लगभग 30 अरब डॉलर) के भारी-भरकम निवेश की घोषणा की है। यह निवेश देश में तेजी से बढ़ते क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

कंपनी की योजना भारत में 5 गीगावॉट (GW) क्षमता वाले बड़े डेटा सेंटर नेटवर्क को विकसित करने की है, जिससे देश की डिजिटल स्टोरेज और प्रोसेसिंग क्षमता में ऐतिहासिक विस्तार होगा।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती

इस निवेश के बाद भारत में डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और AI आधारित सेवाओं का तेजी से विस्तार होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत को वैश्विक डिजिटल हब के रूप में और मजबूत करेगा।

AI और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए यह निवेश समय के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल टेक्नोलॉजी सेक्टर बल्कि इससे जुड़े अन्य उद्योगों को भी गति मिलेगी।

रोजगार और उद्योगों को फायदा

इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की संभावना है। खासकर इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, आईटी सर्विसेज और लोकल सप्लाई चेन सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा।

डेटा सेंटर निर्माण और संचालन से जुड़े तकनीकी ढांचे के विस्तार के चलते देश में हाई-टेक स्किल्स की मांग भी तेजी से बढ़ेगी।

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। जैसे-जैसे दुनिया में डेटा उपयोग और AI आधारित सेवाओं का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे भारत भी इस क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।

एयरट्रंक का यह कदम इसी दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक तकनीकी और AI इकोसिस्टम का केंद्र बन सकता है।

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