नयी दिल्ली : बाजार नियामक सेबी ने वैकल्पिक निवेश कोषों (AIF) के लिए एक नई ग्रीन-चैनल व्यवस्था... ‘गरुड़’ का प्रस्ताव किया। इसके तहत AIF अपने नियोजन ज्ञापन दाखिल करने के 30 दिन के बजाय 10 कार्य दिवस के भीतर योजनाएं शुरू कर सकेंगे। इससे पूंजी के उपयोग में तेजी आएगी। ‘गरुड़ यानी ग्रीन-चैनल: दस्तावेज स्वीकृति के बाद AIF योजना का क्रियान्वयन’ का उद्देश्य सेबी के पास दाखिल किए गए नियोजन ज्ञापन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और AIF द्वारा धन जुटाने को और आसान बनाना है। प्रस्ताव के तहत, नियामक की आपत्तियों को छोड़कर, नियमित AIF योजनाओं को मर्चेंट बैंकर के माध्यम से सेबी के पास नियोजन ज्ञापन प्रसंस्करण (पीपीएम) के लिए आवेदन दाखिल करने के 10 कार्य दिवस के भीतर शुरू करने की अनुमति होगी।
क्या है स्थिति : वर्तमान में, AIF योजनाएं दाखिल करने के 30 दिन के बाद ही शुरू कर सकते हैं। किसी AIF की पहली योजना पंजीकरण मिलने की तारीख से या आवेदन दाखिल करने के 10 कार्य दिवस के बाद, जो भी बाद में हो, शुरू करने की अनुमति होगी। AIF की तीव्र वृद्धि और योजनाओं के पंजीकरण की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम वैकल्पिक निवेश कोष के पूंजी के त्वरित और कुशल उपयोग को और अधिक सक्षम बनाएगा। नियामक ने कहा कि पंजीकृत AIF की संख्या पांच साल पहले 732 थी जो 31 मार्च, 2026 तक बढ़कर 1,849 हो गई है। इसके अलावा, AIF द्वारा जुटाई गई संचयी पूंजी 15.74 लाख करोड़ रुपये थीं, जबकि शुद्ध निवेश 31 दिसंबर, 2025 तक 6.45 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।
पीपीएम दाखिल : सेबी ने मान्यता प्राप्त निवेशक (एआई-ओनली) योजनाओं और एंजल फंड के लिए मर्चेंट बैंकर के माध्यम से पीपीएम दाखिल करने की आवश्यकता को समाप्त करने का प्रस्ताव किया है। इसके बजाय, कोष प्रबंधकों को AIF प्रबंधक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और अनुपालन अधिकारी के हलफनामे के साथ सीधे सेबी के पास पीपीएम दाखिल करने की अनुमति दी जाएगी। इन योजनाओं को समीक्षा अवधि की प्रतीक्षा किए बिना, सेबी के पास पीपीएम दाखिल करने के तुरंत बाद पेश करने की भी अनुमति दी जाएगी। सेबी ने इन प्रस्तावों पर लोगों से एक जून तक सुझाव मांगे हैं।