भारत-अमेरिका व्यापार पर 1 सितंबर को उद्योग जगत के साथ बैठक, टैरिफ और निर्यात प्रदर्शन पर होगी चर्चा 
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भारत-अमेरिका व्यापार पर 1 सितंबर को उद्योग जगत के साथ बैठक, टैरिफ और निर्यात प्रदर्शन पर होगी चर्चा

फार्मा, इंजीनियरिंग, कपड़ा, कृषि समेत कई क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल, अमेरिकी टैरिफ के असर और हालिया व्यापार रुझानों पर चर्चा से निर्यात रणनीति को नई दिशा मिलने की उम्मीद

नई दिल्ली : वाणिज्य मंत्रालय भारत-अमेरिका व्यापार की मौजूदा स्थिति और हालिया घटनाक्रम की समीक्षा के लिए 1 सितंबर को उद्योग संगठनों और निर्यात संवर्धन परिषदों के साथ बैठक करेगा। बैठक की अध्यक्षता वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे। जैन भारत-अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार भी हैं।

बैठक में दोनों देशों के बीच हालिया व्यापार रुझानों, विभिन्न क्षेत्रों के निर्यात प्रदर्शन और अमेरिकी टैरिफ में हुए बदलावों के असर पर चर्चा की जाएगी। इसमें फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, कपड़ा, कृषि, रसायन, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट, हस्तशिल्प और प्लास्टिक समेत कई प्रमुख क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

प्रमुख उद्योग संगठन भी होंगे शामिल

बैठक में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI), एसोचैम और फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों के भी शामिल होने की संभावना है।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है और अमेरिका की टैरिफ नीति में लगातार बदलाव हो रहे हैं। दोनों देशों ने फरवरी में समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, इसके बाद अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था में हुए बदलावों के कारण बातचीत के कई पहलुओं पर नए सिरे से चर्चा की जा रही है।

पीयूष गोयल के अमेरिकी दौरे से पहले अहम बैठक

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के सितंबर के अंत में प्रस्तावित अमेरिकी दौरे से पहले यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गोयल 30 सितंबर से मिलवॉकी में होने वाली जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में शामिल हो सकते हैं। इस दौरान उनके अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने की भी संभावना है।

गोयल पहले ही कह चुके हैं कि व्यापार समझौते की पहली खेप तब लागू होगी, जब अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में तुलनात्मक लाभ मिले।

ऐसे में 1 सितंबर की बैठक में निर्यातकों से मौजूदा टैरिफ व्यवस्था के प्रभाव, क्षेत्रवार चुनौतियों और अमेरिका के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए जरूरी कदमों पर सुझाव लिए जाएंगे। मंत्रालय इन सुझावों का इस्तेमाल आगामी उच्चस्तरीय भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की तैयारियों में कर सकता है।

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