पटना : बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार बदले जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर सवाल उठाए हैं, जबकि पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए उसे खारिज किया है।
कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी के पूर्व घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी के माता-पिता का बहुचर्चित चारा घोटाले केस से संबंध रहा है और उन्हें इस मामले में सजा भी हो चुकी है। कांग्रेस का दावा है कि इसी वजह से बीजेपी ने बांकीपुर सीट से अपना उम्मीदवार बदलने का फैसला किया।
वहीं, आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने बीजेपी के नए उम्मीदवार नीरज सिन्हा के बायोडाटा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा जारी विवरण के अनुसार नीरज सिन्हा का जन्म वर्ष 1994 बताया गया है, जबकि उसमें यह भी उल्लेख है कि उन्होंने वर्ष 2006 में बीजेपी की सदस्यता ली थी।
मृत्युंजय तिवारी ने तंज कसते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो क्या बीजेपी 12 वर्ष की उम्र में ही लोगों को पार्टी का सदस्य बना लेती है। उन्होंने इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
इन आरोपों पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर राजनीतिक भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अभिषेक कुमार सिन्हा ने पारिवारिक कारणों से चुनाव नहीं लड़ने और नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि पारिवारिक कारण क्या हैं, इसकी जानकारी स्वयं अभिषेक कुमार ही बेहतर तरीके से दे सकते हैं।
आरजेडी द्वारा नीरज सिन्हा की जन्मतिथि को लेकर लगाए गए आरोपों पर सरावगी ने कहा कि 13 जुलाई को नीरज सिन्हा अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इसके साथ ही उनके सभी आवश्यक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष बीजेपी की संभावित जीत से घबराया हुआ है और इसी कारण इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। संजय सरावगी ने दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी भारी मतों से जीत दर्ज करेगी