तेज प्रताप यादव 
बिहार

तेज प्रताप यादव ने जमानत याचिका दायर की

बिहार बंद के दौरान हिंसक प्रदर्शनों में भूमिका के आरोप में बेउर जेल में बंद तेज प्रताप यादव

पटना : बिहार में नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने सोमवार को अदालत में जमानत याचिका दायर की। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने विधिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप भी सही नहीं हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव को वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 25 जुलाई को बुलाए गए बिहार बंद का समर्थन करने के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान पटना, सारण, सिवान, औरंगाबाद और भागलपुर में प्रदर्शन हिंसक हो गए थे।

न्यायिक हिरासत में भेजे गए तेज प्रताप यादव को फिलहाल बेउर केंद्रीय कारागार में रखा गया है। पुलिस का आरोप है कि पटना में उनके कृत्यों के कारण प्रदर्शन उग्र हो गया, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

जेजेडी प्रमुख की ओर से पेश अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि तेज प्रताप यादव के खिलाफ प्राथमिकी रविवार रात लगभग 12 बजकर 50 मिनट पर दर्ज की गई, जबकि उन्हें कई घंटे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

उनकी अधिवक्ता निशा सिंह ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, तेज प्रताप यादव की जमानत याचिका पटना के अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी (SDJM) की अदालत में दायर की गई है, जिसमें पुलिस की कार्रवाई और मामला दर्ज करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया तथा हत्या के प्रयास जैसी गंभीर दंडात्मक धाराएं भी बिना उचित आधार के लगा दी।

अधिवक्ता ने कहा, मेरे मुवक्किल को मामला दर्ज होने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें 25 जुलाई की शाम करीब साढ़े सात बजे हिरासत में लिया गया, जबकि गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी रात करीब 12 बजकर 50 मिनट पर दर्ज की गई।

बेउर केंद्रीय कारागार पहुंचने के तुरंत बाद तेज प्रताप यादव ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा।

अधिवक्ता ने कहा, उन्हें मधुमेह और उच्च रक्तचाप की समस्या है। उन्होंने हृदय संबंधी तकलीफ की भी शिकायत की है। उनकी जमानत याचिका पर निर्णय लेते समय उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर भी विचार किया जाना चाहिए।

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