पटना : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रविशंकर प्रसाद ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर नरेन्द्र मोदी सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए शनिवार को दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू ‘वोट चोरी’ कर प्रधानमंत्री बने थे।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने शनिवार को एक प्रतीकात्मक संसद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ चलाया।
प्रसाद ने कहा, यह कैसी प्रतीकात्मक संसद है, जिसमें केवल विपक्ष मौजूद है और सत्तारूढ़ दल अनुपस्थित है ? एक तरफ गठबंधन के नेता सदन में संसदीय कार्यवाही बाधित करते हैं और दूसरी तरफ इस तरह का आयोजन करके संसद तथा देश की जनता का मजाक उड़ा रहे हैं।
प्रसाद ने यह आरोप भी लगाया कि विपक्षी दल ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर प्रतीकात्मक संसद आयोजित कर उनका अपमान किया है।
उन्होंने कहा, 1947 में कांग्रेस की अधिकतर प्रदेश कमेटियों ने प्रधानमंत्री पद के लिए पटेल के नाम का प्रस्ताव दिया था, लेकिन महात्मा गांधी के दबाव के बाद उन्हें अपना नाम वापस लेना पड़ा। जवाहरलाल नेहरू ‘वोट चोरी’ करके प्रधानमंत्री बने थे। यह किसी से छिपा नहीं है कि कांग्रेस के कितने नेता अपनी योग्यता के आधार पर प्रधानमंत्री बने।
प्रसाद ने राहुल गांधी को ‘गैर-जिम्मेदार और ‘छद्म राजनीतिज्ञ’ बताते हुए उन्हें व कांग्रेस के सांसदों को चुनौती दी कि अगर उन्हें लगता है कि मतदान प्रक्रिया से छेड़छाड़ हुई है तो वे इस्तीफा दे दें।
उन्होंने कहा, जब चुनाव परिणाम आपके पक्ष में आए तो मतदान प्रक्रिया सही थी। आपने हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में जीत हासिल की। अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में हमें कम सीट मिली होतीं तो निर्वाचन आयोग आपके लिए सही होता। जब आप हारते हैं तो निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हैं। यह शर्मनाक है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस को कई राज्यों में लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि पार्टी ने जनता का समर्थन खो दिया है। भाजपा नेता ने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों पर निर्वाचन आयोग, उच्चतम न्यायालय व सेना सहित संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए विदेशी ताकतों के दबाव में काम कर रहे हैं। प्रसाद ने दावा किया कि जनता 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को नकार देगी।