पटना : बिहार विधानसभा का पांच दिन का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। पहले दिन से ही सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। सरकार इस सत्र में अनुपूरक बजट के साथ कई जरूरी विधेयक पेश करने की तैयारी में है।
वहीं विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ मंत्री और विधायक सदन पहुंचे। यह सत्र इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दौरान सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं। सरकार अपने काम और उपलब्धियां सदन में बताएगी। दूसरी तरफ विपक्ष भी सवाल उठाने और जवाब मांगने की पूरी तैयारी के साथ पहुंचा।
सत्र शुरू होने से पहले RJD के विधायक और विधान पार्षद विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते नजर आए। उनके हाथों में तख्तियां और बैनर थे। उन्होंने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया।
नेताओं ने कहा कि छात्र कई साल तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनके भविष्य पर असर पड़ता है। उन्होंने छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और आत्महत्या की घटनाओं पर भी चिंता जताई।
प्रदर्शन के दौरान RJD नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। विपक्ष ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA को भंग करने की मांग भी उठाई। विधायकों ने नारे लगाते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार की बात कही।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सत्र में शामिल होंगे या नहीं, इसे लेकर खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी। हालांकि, RJD और वाम दलों के विधायक पहले दिन पूरी तैयारी के साथ पहुंचे। मानसून सत्र को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात किए गए हैं और आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही है।