पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को एक कार्यक्रम में चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद अपनी इच्छा से छोड़ा था।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से उन पर पद छोड़ने का कोई दबाव नहीं बनाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के निर्विवाद नेता बने हुए हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने स्वयं इस बात का उल्लेख किया था कि जब BJP के पास उनकी पार्टी की तुलना में अधिक विधायक थे, तब भी अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया था।
चौधरी के मुताबिक, नीतीश कुमार उसी सहयोग और सद्भाव का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री पद से हटने का फैसला किया। चौधरी का यह बयान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘चुना हुआ नहीं, चुना गया नेता’ बताया था।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव के बाद बने राजनीतिक हालात का भी उल्लेख किया। उस समय त्रिशंकु विधानसभा के बीच तत्कालीन समता पार्टी के नेता नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन NDA बहुमत साबित नहीं कर पाया। इसके बाद करीब एक सप्ताह में उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
सम्राट चौधरी ने कहा कि BJP ने अलग-अलग दौर में नीतीश कुमार का सहयोग किया है। इसी संदर्भ में उन्होंने लालू प्रसाद यादव का भी जिक्र किया।
सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक इतिहास को भी याद रखना चाहिए। उन्होंने बिना नाम लिए राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री बनने का संदर्भ दिया और कहा कि वह भी पहली बार मुख्यमंत्री बनी थीं, तब जनता ने उन्हें सीधे मुख्यमंत्री पद के लिए निर्वाचित नहीं किया था।
चौधरी ने यह भी कहा कि उस समय उनकी पार्टी ने पहले से यह घोषणा नहीं की थी कि राबड़ी देवी को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।