नक्सली सुरेश कोड़ा पिछले 25 सालों से फरार चल रहा था 
बिहार

3 लाख रुपये के इनामी नक्सली सुरेश कोड़ा ने किया आत्मसमर्पण, ‘नक्सल मुक्त’ हुआ बिहार

नक्सली सुरेश कोड़ा पर 60 मामले दर्ज थे

पटना : बिहार पुलिस ने दावा किया है कि तीन लाख रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम के आत्मसमर्पण के साथ राज्य ‘नक्सल मुक्त’ हो गया है। कोड़ा पिछले 25 सालों से फरार चल रहा था।

वह मुंगेर, लखीसराय, जमुई और झारखंड के इलाके में सक्रिय था। पुलिस के साथ हुईं दर्जनों मुठभेड़ में कोड़ा बचकर निकल गया था। इस पर हत्या, अपहरण और लेवी वसूली के मामले दर्ज हैं। साल 2018 में सुरेश कोड़ा ने SSB जवान की हत्या की थी।

पुलिस मुख्यालय की ओर से बुधवार देर रात जारी एक बयान के अनुसार, कोड़ा पर कम से कम 60 मामले दर्ज थे, जिनमें से कई गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज किए गए थे।

बयान में कहा गया है कि कोड़ा ने तीन असॉल्ट राइफल, सैकड़ों कारतूस और मैगजीन के अलावा कुछ नकदी के साथ बुधवार को मुंगेर जिले में विशेष कार्यबल (STF) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास के लिए संचालित ‘आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास योजना’ के तहत कोड़ा को भी लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

इस योजना के तहत कोड़ा पर घोषित तीन लाख रुपये के इनाम के अलावा पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा 36 महीनों तक व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए प्रतिमाह 10,000 रुपये का वजीफा दिया जाएगा।

कोड़ा के आत्मसमर्पण के साथ बिहार में नक्सली नेटवर्क का पूरी तरह सफाया हो गया है और पूरा राज्य नक्सल-मुक्त हो गया है।

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