अनंत सिंह 
बिहार

दुलारचंद हत्याकांड : अनंत सिंह की बढ़ीं मुश्किलें

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की जमानत, जाना होगा जेल

Santosh Sharma

नयी दिल्ली/ पटना : जेडीयू से निष्कासित विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ा झटका लगा है। देश की शीर्ष अदालत ने चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाई कोर्ट द्वारा उन्हें दी गई जमानत को पूरी तरह रद्द कर दिया है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने बाहुबली नेता अनंत सिंह को आगामी 1 दिसंबर तक कानून के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का सख्त निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस को दुलारचंद यादव हत्याकांड की पूरी जांच को अगले चार महीनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करने का भी कड़ा आदेश जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट का यह महत्वपूर्ण फैसला मृतक दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार द्वारा दायर की गई विशेष याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने अनंत सिंह की जमानत को निरस्त करने की गुहार लगाई थी।

इससे पहले, इसी साल मार्च महीने में पटना हाई कोर्ट ने अनंत सिंह को राहत देते हुए इस मामले में जमानत मंजूर की थी, जिसे नीरज कुमार ने देश की सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदेश और न्यायमूर्ति पी.वी. वराले की पीठ ने पटना हाई कोर्ट के पूर्व आदेश को स्थगित कर दिया।

इस दौरान अनंत सिंह ने अपनी बेटी की शादी का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सरेंडर न करने और कुछ समय की मोहलत देने का भावुक अनुरोध किया था, परंतु कोर्ट ने उनकी इस अपील को सिरे से खारिज कर दिया।

बता दें कि मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह दुलारचंद यादव की हत्या के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। यह हिंसक वारदात तब हुई जब दुलारचंद यादव बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज पार्टी के घोषित उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के पक्ष में चुनावी प्रचार कर रहे थे।

प्रचार के दौरान ही दुलारचंद और अनंत सिंह का काफिला अचानक आमने-सामने आ गया था। इसके बाद दोनों गुटों में तीखी बहस हुई और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस भारी टकराव के दौरान वहां अंधाधुंध गोलीबारी शुरू हो गई, जिससे दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी।

SCROLL FOR NEXT