गृह मंत्री अमित शाह-CM नीतीश कुमार( फाइल फोटो) -
बिहार

'BJP ने सत्ता में हिस्सा लेने की पूरी तैयारी कर ली', प्रशांत किशोर का नीतीश के इस्तीफे पर दावा

नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलों के बीच BJP की सत्ता में हिस्सेदारी की तैयारी

पटना : जन सुरज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद छोड़ रहे हैं क्योंकि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछले साल विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए ‘तैयार किया गया जनादेश’ हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अब ‘अपना हिस्सा पाने’ को तत्पर है।

किशोर ने ईद के अवसर पर यहां आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए दोहराया कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख कुमार राज्य पर शासन करने के लिए ‘शारीरिक और मानसिक रूप से अयोग्य’ हैं।

JDU के पूर्व उपाध्यक्ष किशोर ने कहा, मैं यह नहीं कह सकता कि नीतीश कुमार अपनी मर्जी से पद छोड़ रहे हैं या दबाव में। लेकिन एक तरह से मेरी बात सही साबित हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले मेरी जमकर आलोचना हो रही थी जब मैंने भविष्यवाणी की थी कि NDA के जीतने पर भी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा।

किशोर ने कहा, NDA की हार की मेरी भविष्यवाणी शायद गलत साबित हुई हो। लेकिन नीतीश कुमार के बारे में, जो शारीरिक और मानसिक रूप से स्पष्ट रूप से अस्वस्थ हैं, मेरी भविष्यवाणी सही निकली। आखिर गठबंधन को विधानसभा में भारी बहुमत मिलने के कुछ ही महीनों बाद कोई मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा क्यों देगा ?

इंडियन पॉलिटकल एक्शन कमेटी (आई-पैक)के संस्थापक किशोर को 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव अभियान के संचालन से प्रसिद्धि मिली थी। उन्होंने कहा कि पिछले बिहार चुनावों में NDA को मिला जनादेश ‘तैयार किया गया’ था। उन्होंने आरोप लगाया, 10 हजार रुपये देकर वोट खरीदे गए।

किशोर का इशारा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की ओर था, जिसे बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले शुरू किया गया था। योजना के तहत राज्य की 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये अंतरित किए गए थे।

किशोर ने कटाक्ष करते हुए कहा, केंद्र में सत्तारूढ़ BJP, केंद्रीय गृह मंत्री और निर्वाचन आयोग ने NDA को मिले भारी जनादेश को हासिल करने में अपनी-अपनी भूमिका जरूर निभाई होगी। इसलिए, यह आश्चर्य की बात नहीं है कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी बिहार में अपना हिस्सा प्राप्त करना चाहती है।

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के बाद भाजपा पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने में सफल होगी।

किशोर से हालांकि, जब अगले संभावित मुख्यमंत्री के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, विधानसभा चुनावों में मेरी अपनी पार्टी के बारे में मेरी भविष्यवाणी गलत साबित हुई थी।

आई-पैक के सह संस्थापक ने बंगाल चुनाव पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, मैंने अपने गृह राज्य बिहार के लिए आवश्यक बन चुके विकल्प तैयार करने के लिए राजनीति में सक्रिय होने का फैसला किया। मैंने पिछले चुनावों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया, और जन सुरज पार्टी की करारी हार को सहते हुए, मैं एक बार फिर सड़कों पर उतर रहा हूं। जब तक बिहार में मेरा मिशन पूरा नहीं हो जाता, मैं अन्य राज्यों के बारे में नहीं सोचूंगा।

नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति पारी के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में किशोर ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, हम अपनी शुभकामनाएं देते हैं, हालांकि यह बिहार में एक नेता द्वारा अपने परिवार को आगे बढ़ाने का मात्र एक और उदाहरण है।

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