आरिफ मोहम्मद खान 
बिहार

Bihar Election : राज्यपाल ने कहा- चुनाव की सारी तैयारियां पूरी

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि मतपेटी से चुने जाते हैं सरकार चलाने वाले

Badrinath Shaw

श्रीनगर: बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बुधवार को इसकी पुष्टि की कि राज्य विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने चुनाव को लोकतंत्र का उत्सव बताया। कल यानी गुरुवार को बिहार चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान होने जा रहा है।

उन्होंने कहा, 'सरकार चलाने वाला व्यक्ति मतपेटी के जरिये चुना जाता है। उन्हें भारत और राज्यों की जनता से एक निश्चित अवधि के लिए जनादेश मिलता है। वे संप्रभु नहीं हैं, इस देश की जनता संप्रभु है।’ उक्त बातें खान ने शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा। उन्होंने यह भी कहा कि कल मतदान का दिन है और तैयारियों को पहले ही अंतिम रूप दे दिया गया है। मुझे विश्वास है कि हमारे देश में लोकतंत्र बहुत मजबूत हो गया है।

परिश्रम से कुछ भी हासिल किया जा सकता है

खान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के सर्वोच्च पदों पर उनका आसीन होना यह बताता है कि कोई भी व्यक्ति अपने परिश्रम से कुछ भी हासिल कर सकता है, उसे सीमाएं नहीं बांध सकतीं। यह हमारे संविधान की ताकत ही है जो यह दर्शाती है कि हमारे पास एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें आप कितनी भी ऊंचाई तक पहुंचने की आकांक्षा रख सकते हैं, इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, आपको लोगों का विश्वास अर्जित करना होगा।

जम्मू कश्मीर में जल्द बहाल होगी शांति व्यवस्था

केंद्र शासित प्रदेश के तहत जम्मू कश्मीर में दोहरी सत्ता प्रणाली और राज्य का दर्जा बहाल नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर, खान ने स्वीकार किया कि कश्मीर के लिए ऐसी दर्दनाक परिस्थितियों का सामना करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने 1947 के विभाजन का हवाला देते हुए कहा कि कई लोगों ने कष्ट झेले हैं, जबकि कश्मीर के लोगों ने इसकी सबसे बड़ी कीमत चुकाई है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री सहित सभी लोग जम्मू कश्मीर में शांति चाहते हैं और राज्य का दर्जा बहाल होने की कामना करते हैं। हम यह सोचकर लापरवाह नहीं हो सकते कि समस्याएं केवल कश्मीर में ही उत्पन्न होती हैं। हम सभी चिंतित हैं और सामान्य स्थिति चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि कश्मीर को अपने फैसले लेने की स्वायत्तता मिले। यह आपके और हमारे बीच एक सामूहिक प्रयास है कि ऐसी परिस्थितियां बनाई जाएं जहां कश्मीर में भी कानून का शासन उसी तरह कायम रहे जैसा कि अन्य जगहों पर है।

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