जहानाबाद : बिहार में कथित यौन उत्पीड़न के बाद मौत की शिकार एक NEET अभ्यर्थी के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकी दी गई है कि ‘उनके बेटे का भी उनकी बेटी जैसा अंजाम होगा।’ NEET अभ्यर्थी की मौत के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रहा है।
परिवार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके घर के अंदर एक कागज फेंका गया, जिस पर लिखा था, 'तुम अपनी बेटी को खो चुके हो और अगर तुम नहीं माने तो अपने बेटे को भी खो दोगे।'
जहानाबाद जिले के शकुराबाद थाने के प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि शनिवार को भी इसी तरह का धमकी भरा पत्र घर के अंदर फेंका गया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद उनके घर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, ताजा शिकायत की जांच की जाएगी और उचित कदम उठाए जाएंगे।
करीब 18 वर्षीय छात्रा पटना के एक निजी छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। पिछले महीने वह छात्रावास में अचेत अवस्था में मिली थी और कुछ दिनों बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर छात्रा के कपड़ों पर वीर्य के निशान पाए गए थे, जिसके बाद यह आरोप लगे कि उसे नशीला पदार्थ देकर यौन उत्पीड़न किया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मौत को आत्महत्या साबित करने की कोशिश कर रही थी। इसके बाद बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी।
पटना में NEET छात्रा की मौत मामले में सांसद पप्पू यादव एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने दो नेताओं का नाम लिया और NEET छात्रा कांड से जोड़ा।
पप्पू यादव ने कहा, बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलोनी में कौन से ऐसे नेता हैं जिनका नाम संजय है। अंतिम नाम नहीं बोलूंगा, जिसका घर खगड़िया है। इनके ऑफिस में कौन-कौन जाता था, इनके सभी CCTV फुटेज की जांच करिए। क्या उसमें मनीष रंजन जाते थे या नहीं ? कौन है एक गुप्ता ? जिसका अगला नाम नहीं बोलूंगा। जैसे संजय के बाद का नाम नहीं बोला, वैसे ही गुप्ता के पहले का नाम नहीं बोलूंगा।
पप्पू यादव ने कहा, NEET छात्रा की मौत आत्महत्या नहीं है। साजिश के तहत प्रभात मेमोरियल और कुछ प्रशासन के लोगों ने मेरी बेटी को मारा है। मैं सुप्रीम कोर्ट तक ये केस लडूंगा।