पटना : अपने माता-पिता के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती के विरोध में पिछले दो दिन से यहां धरने पर बैठे छह वर्षीय बच्चे ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के न्याय दिलाने के आश्वासन के बाद मंगलवार को अपना धरना समाप्त कर दिया।
यादव सोमवार रात पटना के गर्दनीबाग इलाके में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर बच्चे से मिले और कहा कि वह इस मामले को अदालत में ले जाएंगे। इसके बाद आदित्य कुमार ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की। नाबालिग ने कहा, यह मेरी हार नहीं है। मेरी लड़ाई अदालत में जारी रहेगी। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हमें समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
यह बच्चा 25 अगस्त को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा के अभ्यर्थियों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में शामिल होने के बाद इंटरनेट पर चर्चा में आया था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को एक चरण में कराने समेत विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास का घेराव करने का प्रयास किया था।
बच्चे ने रविवार को अपने माता-पिता के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती के विरोध में गर्दनीबाग में धरना शुरू किया था। उसने कहा था कि वह ‘‘सरकार का घमंड उसी तरह तोड़ेगा, जैसे दशरथ मांझी ने पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया था।
यादव को ‘गरीबों का मसीहा’ बताते हुए बच्चे ने कहा, वह मेरे पिता जैसे हैं। जब मुश्किल समय था, तब उन्होंने मेरा स्कूल में दाखिला कराया था। इसलिए उनके कहने पर मुझे धरना समाप्त करना पड़ा।
यादव ने कहा कि बच्चा देश के छात्रों और अपने माता-पिता के लिए लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह इस मामले को उच्चतम न्यायालय तक ले जाएंगे। कुमार ने केंद्र और सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर बीपीएससी आंदोलन के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती का आरोप लगाया।