सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि हमलोग राज्यसभा के लिए दो नामांकन करा सकते थे और 16 मार्च को चुनाव भी होता मगर हमलोगों ने ऐसा नहीं किया। हॉर्स ट्रेडिंग में भरोसा नहीं करते हैं। शुभेंदु ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के कई विधायक क्रास वोटिंग करते भी क्योंकि 60 से अधिक जानते हैं कि उन्हें टिकट नहीं मिलेगी। हालांकि हमलोगों ने उनके वोट की आशा भी नहीं की। भाजपा यह मानती है कि राज्यसभा चुनाव का संसदीय परंपरा और संविधान के अनुसार हो। इसलिए वोटर संख्या (विधानसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या) के ही अनुसार नामांकन किया है।
राहुल सिन्हा को राज्यसभा भेजने का निर्णय सभी के सहमति रही
भाजपा के पुराने और वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा को राज्यसभा भेजने का पार्टी ने निर्णय लिया। गुरुवार को राहुल सिन्हा ने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। हालांकि दस्तावेज को पूरी तरह से तैयार करने में समय लगा। इसका कारण यह बताया गया कि उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद दो दिन छुटटी थी। दस्तावेज में कहीं कोई दिक्कत नहीं आयी।
दस्तावेज में विलंब पर क्या कहा शुभेंदु ने?
यह पूछे जाने पर कि क्या नामांकन के लिए दस्तावेज तैयार करने में देरी हुई है? इसके जवाब में शुभेंदु ने कहा कि डोल के दिन प्रार्थी की घोषणा हुई। 3 और 4 मार्च को छुट्टी थी। स्वाभाविक रूप से हलफनामा में जो पेपर्स लगते हैं तथा अन्य जो दस्तावेज हैं उसे तैयार करने में समय लगा। उसके बाद हस्ताक्षर किये गये। दस्तावेज तैयार करने में एक दिन का ही समय मिला था। बंगाल में दो दिन छुट्टी थी और अन्य राज्य में एक दिन। फिर भी सब ठीकठाक हो गया है। मेरे ख्याल से किसी तरह की कोई असुविधा नहीं हुई।