सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सीएम शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को विधानसभा में कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने आम लोगों के खिलाफ बार-बार पुलिस का दुरुपयोग किया। हमारी सरकार सत्ता के ऐसे दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने अलग अलग मामलों में पांच पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किया। विधानसभा में इसकी जानकारी उन्होंने दी। सबसे अहम कार्रवाई वर्ष 2023 के कालियागंज हिंसा मामले से जुड़ी है, जिसने उत्तर बंगाल में व्यापक विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया था। राजबंशी समुदाय की 9वीं कक्षा की छात्रा से शारीरिक अत्याचार और हत्या हुई। उसका शव तालाब से बरामद किया गया था। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिवार थाने के सामने धरने पर बैठा। यहाँ पुलिस बल का प्रयोग किया गया। इसके वीडियो वायरल हो गए। राजबंशी समुदाय के मृत्युंजय बर्मन सिलीगुड़ी में काम करते थे। जब वे घर लौटे, तो पुलिस ने देर रात 2 बजे उन्हें गिरफ्तार किया और गोली मार दी। उन्होंने कहा कि मामले की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली गई है। कार्रवाई के तहत कालियागंज थाने के तत्कालीन एएसआई मोआज्जेम हुसैन को निलंबित करने और उनके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवार से अपने लंबे संबंध का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार ने कोई मुआवजा नहीं दिया था। विपक्ष के नेता रहते हुए उन्होंने अपने विधानसभा कोटे से बर्मन की विधवा पत्नी को नौकरी दिलाई थी, जिसे बाद में नियमित कर दिया गया।
पूर्व आईपीएस पंकज दत्त से कथित दुर्व्यवहार
सीएम ने आरोप लगाया कि पूर्व आईपीएस अधिकारी पंकज दत्त को राजनीतिक दबाव में कथित रूप से परेशान किया गया और थाने में लंबे समय तक बैठाकर रखा गया। इस मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी एसआई साधन दास और बड़तला थाने के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी सुबर्ण दत्त चौधरी के खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की घोषणा की गई।
कृष्णनगर और काकद्वीप मामलों में कार्रवाई
कृष्णनगर में जगद्धात्री पूजा विसर्जन के दौरान कथित लाठीचार्ज और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में इंस्पेक्टर अमलेंदु विश्वास के खिलाफ कार्रवाई की गई। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया। वहीं, काकद्वीप के सूर्यनगर में काली प्रतिमा विवाद के मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) आईपीएस कोटेश्वर राव पर कार्रवाई की घोषणा की गई। सीएम ने इसे धार्मिक भावनाओं और जनता की आस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला बताया।