कोलकाता : ‘रघु डकैत भी डकैती करने जाने से पहले मां काली की पूजा करता था।’ राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय के इस बयान से नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को बीरभूम जिला पुलिस के विजया सम्मेलन में उन्होंने जिले के सभी थानों में कालीपूजा आयोजित करने और काली प्रतिमा स्थापित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को छापेमारी या किसी अभियान पर निकलने से पहले मां काली को प्रणाम करना चाहिए, ताकि वे अपने मिशन में सफल हो सकें। मंत्री ने बीरभूम के तारापीठ, कंकालीतला और फुल्लरा जैसे शक्तिपीठों का उल्लेख करते हुए पुलिस अधीक्षक से थानों में बेहतर ढंग से कालीपूजा आयोजित कराने का अनुरोध किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके सुझाव को धार्मिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि कालीपूजा बंगाली संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
मंत्री के बयान पर माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने कटाक्ष करते हुए सवाल किया कि क्या अब लोग थाने की पुलिस को डकैत समझेंगे? उन्होंने कहा कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना और चोर-डकैतों को काबू करना है। वहीं, तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा कि कोई पुलिसकर्मी अपनी इच्छा से कालीपूजा करता है तो यह उसका निजी मामला है, लेकिन सरकार की ओर से पूजा कराने का निर्देश देना उचित नहीं है।