बंगाल

बुजुर्ग हो रहे हैं परेशान, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग हस्तक्षेप करे : स्पीकर

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : SIR के तहत जारी हियरिंग के लिए बुज़ुर्ग नागरिक को बुलाना एक तरह से मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। यह कहना है पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर विमान बनर्जी का। बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए स्पीकर ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग कहां है। विभिन्न समाचार पत्रों और समाचार चैनल्स पर देखा जा रहा है कि किस हालत में बूढ़े बुजुर्ग हियरिंग के लिए पहुंच रहे हैं। एसआईआर हियरिंग के लिए जिस तरह बुलाया जा रहा है इनमें कई बीमार लोग भी हैं, किसी की उम्र 96 साल है, किसी की 70 तो किसी की 75 साल है। ऐसे बुजुर्ग ठीक से चल भी नहीं सकते हैं। जो घर में ठीक से चल भी नहीं पाते हैं उन्हें सहारा लेकर हियरिंग के लिए आना पड़ रहा है। इतना दबाव ऐसे बीमार और बुजुर्गों पर क्यों दिया जा रहा है। उन्हें इस हाल में बुलाना भी एक तरह से मानवाधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मानवाधिकार आयोग के दायित्व में जो हैं क्या उन्हें लोगों की यह तकलीफ नहीं दिखती है? वे इस मुद्दे को देख सकते हैं, हस्तक्षेप कर सकते हैं। लोगों के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है और इससे ज्यादा चिंता का विषय और कुछ नहीं हो सकता है। हमें उम्मीद है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग जरूर इसे गंभीरता से लेगा।

बुज़ुर्गों पर दबाव – 70, 75 और 96 साल के नागरिकों को हियरिंग में बुलाया जा रहा है।

मानवाधिकार उल्लंघन की आशंका – स्पीकर ने कहा, इस तरह की प्रक्रिया अमानवीय है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग – स्पीकर

स्वास्थ्य और उम्र की अनदेखी – कई बुज़ुर्ग सहारा लेकर ही हियरिंग में पहुंच पाते हैं।

सार्वजनिक चिंता – स्पीकर ने इस मुद्दे को गंभीर बताया और कार्रवाई की उम्मीद जताई।

SCROLL FOR NEXT