कोलकाता : पश्चिम बंगाल के जंगीपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि तीन युवाओं के लिए यह यादगार पल बन गई। 11 अप्रैल को पहली बार जंगीपुर पहुंचे प्रधानमंत्री के इस दौरे ने ब्रिस्टी मंडल, त्रिशाग्नि बनर्जी और स्वरूप हलधर की जिंदगी में खास जगह बना ली। दरअसल, जनसभा से पहले ही इन तीनों युवाओं ने प्रधानमंत्री को एक अनोखा तोहफा देने की ठानी। दिन-रात मेहनत कर किसी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पेंटिंग बनाई, तो किसी ने नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरी। 11 अप्रैल को ये तीनों अपनी कला के साथ सभा स्थल पहुंचे और भारी भीड़ व कड़ी सुरक्षा के बीच किसी तरह आगे बढ़कर अपनी पेंटिंग्स दिखाने में सफल रहे। प्रधानमंत्री की नजर जैसे ही इन तस्वीरों पर पड़ी, उन्होंने सुरक्षा कर्मियों से उन्हें मंगवाया और युवाओं की मेहनत की सराहना की। उसी दौरान उन्होंने वादा किया कि इन कलाकारों को वे इसका जवाब जरूर देंगे। करीब 15 दिन बाद, 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने अपना वादा निभाया। स्वरूप हलधर को भेजे गए पत्र में प्रधानमंत्री ने लिखा कि आपके द्वारा बनाया गया चित्र प्राप्त करके मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई और मैं इसके लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करना चाहता हूं। आपके काम में आपने जो मेहनत और समर्पण दिखाया है, वह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है और हम इसकी तहे दिल से सराहना करते हैं। पत्र मिलने के बाद स्वरूप भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह जवाब उनके लिए बेहद खास है और इससे उनका उत्साह कई गुना बढ़ गया है। वादे के मुताबिक, कुछ ही दिनों में चिट्ठियां तीनों के घर पहुंच गईं। प्रधानमंत्री की चिट्ठियां प्रतापपुर (रघुनाथगंज) में बृष्टि मंडल के घर, गोडाउन कॉलोनी में स्वरूप हलधर के घर और भागीरथी पल्ली में त्रिशाग्नि बनर्जी के घर पहुंचीं। तीनों परिवार चिट्ठियां पाकर बेहद ही खुश हैं। उन्होंने इस अनुभव को अपनी जिंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक बताया और प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।