हावड़ा : युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण के सुशिष्य मुनि जिनेश कुमार ठाणा-3 के सान्निध्य में उपनगर क्षेत्रीय श्रावक-श्राविका सम्मेलन का आयोजन उत्तर हावड़ा श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा की ओर से योगक्षेम विहार सभागार में किया गया।
सम्मेलन में लिलुआ, बाली-बेलूड़, उत्तरपाड़ा, हिन्दमोटर, कोन्नगर और रिसड़ा क्षेत्रों से करीब 140 श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि जिनेश कुमार ने कहा कि श्रावक जिनशासन का अभिन्न अंग हैं। उन्हें अपने दायित्वों के प्रति जागरूक रहते हुए संघ की सेवा, धार्मिक जागरण और सादगीपूर्ण जीवन को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आहार शुद्धि और व्यसनमुक्त जीवन के साथ देव, गुरु और धर्म के प्रति आस्था बनाए रखने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के कोषाध्यक्ष मदनलाल मरोठी ने संगठन की एकता और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुनि कुणाल कुमार के मंगलाचरण से हुआ।
स्वागत भाषण संदीप डागा ने दिया। संचालन मुनि परमानंद ने किया। प्रशिक्षण सत्र में नवीन दुगड़, महावीर प्रताप दुगड़ और सुशील बाफणा ने मार्गदर्शन दिया। आभार विनीत कोठारी ने जताया।