मधुर, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। स्वास्थ्य भवन की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान महज दो दिनों में 1,730 रेस्टोरेंट और खाद्य पदार्थ बनाने वाली इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 1,525 प्रतिष्ठानों में नियमों की अनदेखी और खाद्य सुरक्षा संबंधी खामियां पाई गईं। स्वास्थ्य भवन ने कार्रवाई करते हुए पांच दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए हैं, जबकि 13 रेस्टोरेंट को कुछ समय के लिए बंद रखने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखोपाध्याय और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव नारायण स्वरूप निगम ने अभियान की जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब तक 901 रेस्टोरेंट से खाद्य नमूने एकत्र किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
गंदे किचन से लेकर बासी खाद्य सामाग्री तक मिली खामियां
निरीक्षण के दौरान कई रेस्टोरेंट में बेहद खराब स्वच्छता व्यवस्था सामने आई। अधिकारियों को गंदे किचन, बासी खाद्य सामाग्री, खुले डस्टबिन, मसालों में फफूंद और अधपके भोजन को फ्रिज में रखने जैसी गंभीर खामियां मिलीं। इन अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
बिना सूचना होगी औचक जांच
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि निरीक्षण केवल पूर्व सूचना देकर नहीं किया जाएगा। विभाग की टीमें औचक निरीक्षण भी करेंगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जिन रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उन पर कार्रवाई फिलहाल अस्थायी है। संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है। सुधार किए जाने के बाद दोबारा निरीक्षण होगा और मानकों का पालन मिलने पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
पैकेज्ड पेयजल इकाइयां भी जांच के घेरे में
राज्य सरकार ने केवल रेस्टोरेंट ही नहीं, बल्कि पेयजल बनाने और पैकेजिंग करने वाली इकाइयों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। यह विशेष अभियान 1 से 7 सितंबर तक चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य भवन सूत्रों के अनुसार, जो पेयजल संयंत्र नियमों का पालन किए बिना पानी की पैकेजिंग कर रहे हैं, उनके लाइसेंस अस्थायी रूप से रद्द किए जा रहे हैं। पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए राज्यभर में 30 मोबाइल प्रयोगशालाएं तैनात की गई हैं। ये मोबाइल लैब पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक जाकर पानी और खाद्य पदार्थों के नमूने जांच रही हैं। इनमें दो मोबाइल लैब दार्जिलिंग और दो कोलकाता के लिए तैनात हैं।